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प्रदूषण कम करने के लिए जन भागीदारी पर जोर देगी दिल्ली सरकार: राय
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नई दिल्ली। राजधानी में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार जन भागीदारी पर जोर देगी। सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए नीति और तकनीकी क्षेत्र में काम कर रही है। अभी जन अभियान बनाने की दिशा में काम करना है। ये बात दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दो दिवसीय ऑनलाइन राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस के समापन पर मंगलवार को कही।
पर्यावरण के मुद्दे पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ, स्वयंसेवी संगठनों, गैर सरकारी संगठनों एवं सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में पैदा हो रही थोड़ी-थोड़ी धूल मिलकर बड़े प्रदूषण का कारण बनती है। ऐसे में लोगों को समझाने की आवश्यकता है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों को अनुभव है वह आगे आएं और प्रदूषण के खिलाफ जन अभियान चलाने में सरकार की मदद करें।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर तरह के प्रदूषण कम करने की कोशिश की जा रही है। हरित क्षेत्र बढ़ाने को लेकर नीति के स्तर पर काम हो रहा है। पौधरोपण नीति और इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लाई गई है।
राय ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से मुख्य तौर पर तीन क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। पहला, नीति के स्तर पर, नीति को कैसे बनाया जाए इसका प्रभाव दिल्ली पर पड़े। दूसरा, तकनीक के स्तर पर, तकनीक की मदद से प्रदूषण कम करने के लिए मदद मिल सके। इस दिशा में आईआईटी के साथ रियल टाइम डाटा पर काम चल रहा है। इससे पता चल जाएगा कि कब, कहां और किस समय किस स्रोत से प्रदूषण हो रहा है। तीसरा, जन अभियान बनाने के स्तर पर काम करना है।
राय ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे वृक्षारोपण की नीति पर काम कर रही है, लेकिन पेड़ लगाने के लिए जगह कम होती जा रही है। ऐसे में हाउस होल्ड वाली जगह पर कैसे पेड़ लगा सकते हैं। इस पर गहराई से विचार करने की जरूरत है। राय ने कहा कि दिल्ली में पराली जलाने की घटना बहुत कम हो गई हैं। पूसा के साथ में प्रयोग किए गए मॉडल का पंजाब व हरियाणा समेत कई
राज्य निरीक्षण कर रहे हैं।
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पर्यावरण के मुद्दे पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ, स्वयंसेवी संगठनों, गैर सरकारी संगठनों एवं सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में पैदा हो रही थोड़ी-थोड़ी धूल मिलकर बड़े प्रदूषण का कारण बनती है। ऐसे में लोगों को समझाने की आवश्यकता है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों को अनुभव है वह आगे आएं और प्रदूषण के खिलाफ जन अभियान चलाने में सरकार की मदद करें।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर तरह के प्रदूषण कम करने की कोशिश की जा रही है। हरित क्षेत्र बढ़ाने को लेकर नीति के स्तर पर काम हो रहा है। पौधरोपण नीति और इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लाई गई है।
राय ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से मुख्य तौर पर तीन क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। पहला, नीति के स्तर पर, नीति को कैसे बनाया जाए इसका प्रभाव दिल्ली पर पड़े। दूसरा, तकनीक के स्तर पर, तकनीक की मदद से प्रदूषण कम करने के लिए मदद मिल सके। इस दिशा में आईआईटी के साथ रियल टाइम डाटा पर काम चल रहा है। इससे पता चल जाएगा कि कब, कहां और किस समय किस स्रोत से प्रदूषण हो रहा है। तीसरा, जन अभियान बनाने के स्तर पर काम करना है।
राय ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे वृक्षारोपण की नीति पर काम कर रही है, लेकिन पेड़ लगाने के लिए जगह कम होती जा रही है। ऐसे में हाउस होल्ड वाली जगह पर कैसे पेड़ लगा सकते हैं। इस पर गहराई से विचार करने की जरूरत है। राय ने कहा कि दिल्ली में पराली जलाने की घटना बहुत कम हो गई हैं। पूसा के साथ में प्रयोग किए गए मॉडल का पंजाब व हरियाणा समेत कई
राज्य निरीक्षण कर रहे हैं।