दिल्ली: द्वारका साइबर सेल ने दो जालसाजों को किया गिरफ्तार, इंस्टाग्राम खाते को सत्यापित करवाने का झांसा देकर ठगी
द्वारका जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीतमपुरा निवासी शिवम देव (19) और रोहिणी निवासी शुभम कुमार (21) के रूप में हुई है। शुभम जालसाजी का मास्टरमाइंड है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंस्टाग्राम खाते को सत्यापित करने और उसपर ब्लूटिक लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो जालसाजों को द्वारका जिला साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में आरोपियों के कई इंस्टाग्राम यूजर्स से ठगी करने की बात सामने आई है। आरोपी उन इंस्टाग्राम उपयोगकर्ताओं को अपना शिकार बनाते थे जिनका खाता सत्यापित नहीं होता था। जालसाज गूगल से धोखाधड़ी की तकनीक सीखकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन, साढ़े 14 हजार रुपये और पासबुक बरामद किया है।
द्वारका जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीतमपुरा निवासी शिवम देव (19) और रोहिणी निवासी शुभम कुमार (21) के रूप में हुई है। शुभम जालसाजी का मास्टरमाइंड है। 20 मार्च को द्वारका निवासी आरती ने साइबर थाने में जालसाजी की शिकायत की। उसने बताया कि उनके बेटे आयुष्मान के पास एक मैसेज और मोबाइल नंबर आया, जिसमें उसके इंस्टाग्राम खाते को सत्यापित करने और उसपर ब्लूटिक लगवाने की बात कही थी।
उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने उस नंबर पर बात की। आरोपी ने उसे एक बैंक खाते में यूपीआई के माध्यम से छह हजार रुपये जमा करने के लिए कहा। आरोपी ने उसे बताया कि उसका सोशल मीडिया खाता ब्लॉक कर दिया गया है और अनब्लॉक करने के लिए 57 सौ रुपये देने होंगे। उनके बेटे ने पैसे जमा कर दिए। आरोपियों ने आगे की कार्रवाई के लिए फिर 27 सौ रुपये की मांग की। उसके बेटे ने पैसे जमा कर दिया। रुपये देने के बाद उसके बेटे को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उसने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपियों ने पैसे देने से मना कर दिया और उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू की।
पीतमपुरा से शिवम देव को किया गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने फोन पे, यूपीआई और कोटक महिंद्रा बैंक से आरोपियों के लेनदेने का विवरण प्राप्त किया। पुलिस ने धोखाधड़ी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों और बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच कर पीतमपुरा से शिवम देव को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मास्टरमाइंड शुभम कुमार को रोहिणी से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जल्द पैसे कमाने के लिए ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस के मुताबिक शुभम पत्राचार से स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। दोनों आरोपी एक ही स्कूल में पढ़ते थे और कम समय में पैसा कमाना चाहते थे। इसलिए उसने गूगल से धोखाधड़ी की तकनीक सीखकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।