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दिल्ली में बेकाबू कोरोना : 24 घंटे में रिकॉर्ड 10732 संक्रमित, केजरीवाल बोले- अस्पताल के बेड भरे तो लगेगा लॉकडाउन
Sun, 11 Apr 2021 12:14 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sun, 11 Apr 2021 12:14 PM IST
सार
- दिल्ली में बीते 24 घंटे में सामने आए रिकॉर्ड 10732 संक्रमित
- केजरीवाल बोले- अगर दिल्ली के अस्पतालों में बेड भरे तो लग सकता है लॉकडाउन
- मुख्यमंत्री ने लोगों से की सरकारी अस्पतालों में जानेे की अपील
- केजरीवाल ने बताया सरकार तीन स्तर पर कर रही है काम
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली में बीते 24 घंटे में कितने मामले आए और शनिवार को राजधानी में जो पाबंदियां बढ़ाई गई हैं उन्हें लेकर जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में कोरोना बहुत तेजी से बढ़ रहा है और बीते 24 घंटे में 10732 केस आए हैं जो अब तक सबसे ज्यादा है। दिल्ली में कोरोना की शुरुआत से लेकर आज तक इतने मामले नहीं आए थे जितने बीते 24 घंटे में आए हैं।
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केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना की चौथी लहर बेहद खतरनाक है और बहुत तेजी से लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना की चौथी लहर बेहद खतरनाक है और इससे निपटने के लिए हम सबका सहयोग ले रहे हैं। इससे पार पाने के लिए दिल्ली सरकार तीन स्तरों पर काम कर रही है।
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पहला कि इसे फैलने से कैसे रोका जाए- इसके लिए मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि कोरोना तभी रुक सकता है जब जनता सतर्क रहे। जब बहुत जरूरी हो तभी घर से निकले। अगर जरूरी नहीं है तो घर पर ही रहें, सामाजिक आयोजनों में कम से कम शामिल हों। उन्होंने कहा कि बढ़ते कोरोना को देखते हुए सरकार को मजबूरीवश कुछ अधिक पाबंदियां लगानी पड़ी हैं।
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दूसरा है अस्पताल मैनेजमेंट- सीएम केजरीवाल ने बताया कि कल वह एलएनजेपी अस्पताल गए थे। वहां जिस तरह से काम चल रहा है उसे देखकर वह सभी स्वास्थ्यकर्मियों को सैल्यूट करते हैं जो बीते एक साल से इस महामारी से लड़ रहे हैं। केजरीवाल ने आग्रह किया कि स्वास्थ्यकर्मचारी तो अपना काम कर ही रहे हैं लेकिन जनता को भी इसमें पिछली बार की तरह अपनी भागीदारी देनी होगी।
एप देखकर अस्पताल जाएं
उन्होंने कहा कि उन्हें कई मैसेज आए हैं कि लोगों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है। अगर ऐसा है तो करीब छह महीने पहले दिल्ली सरकार ने अस्पतालों में बेड की संख्या देखने के लिए जो एप बनाया था वह आज भी काम कर रहा है, लोग उसका इस्तेमाल करें। अस्पताल दर अस्पताल भटकने की बजाय पहले उस एप में बेड की स्थित पता करें फिर मरीज को अस्पताल लेकर जाएं।
सरकारी अस्पतालों में भी जाएं, वहां सुविधाएं अच्छी हैं
इसके साथ ही उन्होंने लोगों से सरकारी अस्पतालों इलाज कराने की अपील की। केजरीवाल बोले कि देखा जाता है कि कुछ लोग निजी अस्पताल के पीछे ही दौड़ते हैं लेकिन आप दिल्ली के सरकार अस्पतालों में भी इलाज करा सकते हैं वहां अच्छा इलाज व सुविधा आपको मिलेगी।
अगर अस्पतालों में बेड भरे तो होगा लॉकडाउन
उन्होंने ये भी अनुरोध किया कि अगर बहुत जरूरी लगे तब ही अस्पताल जाएं अन्यथा होम आइसोलेशन में रहें। अगर सामान्य लक्षण वाले भी अस्पतालों में बेड भरने लगेंगे तो गंभीर मरीजों परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने ये भी बताया कि अगर अस्पतालों में बेड भर गए तो दिल्ली में लॉकडाउन लगाना ही पड़ेगा। ऐसे में जनता सहयोग करे और जरूरत हो तभी अस्पताल में जाए।
तीसरा है वैक्सीनेशन- केजरीवाल का कहना है कि हमारे देश में ये बड़ी विडंबना है कि हम वैक्सीन के बड़े उत्पादक हैं और वैक्सीन आ भी चुकी है लेकिन उसके बाद भी देश में कोरोना तेजी से बढ़ रहा है। यह बहुत ही विरोधाभासी स्थिति है। ऐसे में हमें युद्धस्तर पर पूरे देश में बिना किसी आयु सीमा के वैक्सीनेशन शुरू करना चाहिए। जितनी तेजी से लोगों को वैक्सीन लगेगा उतनी ही तेजी से संक्रमण के विस्तार को रोका जा सकता है।
दिल्ली में चौथी लहर में कोरोना संक्रमित हुए लोगों का आंकड़ा अध्ययन करने के बाद पता चलता है कि इस बार 65 प्रतिशत मरीज 45 साल से कम उम्र के हैं। ऐसे में अगर इस आयु वर्ग के लोगों को टीका नहीं लगेगा तो संक्रमण कैसे रुकेगा। अगर टीकाकरण तेज कर दिया जाए तो कोरोना का संक्रमण कुछ हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने एक बार फिर उस बात पर जोर दिया कि अगर दिल्ली को ज्यादा टीकाकरण केंद्र बनाने और आयु का कोई बंधन न रखने की इजाजत दी जाए तो दो-तीन महीने में पूरी दिल्ली का टीकाकरण किया जा सकता है।