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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi : Child pornography coming from abroad on a large scale

Delhi : विदेश से बड़े पैमाने पर आ रही बाल अश्लील सामग्री, सोशल मीडिया पर आई बाढ़

Mon, 15 May 2023 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 15 May 2023 06:16 AM IST
सार

सोशल मीडिया पर बाल यौन उत्पीडऩ सामग्री के प्रसार के मामले 250 से 300 फीसदी बढ़े हैं। इसमें देखने में ये आया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही बाल यौन उत्पीडऩ सामग्री विदेशी है।

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Delhi : Child pornography coming from abroad on a large scale
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विस्तार

सोशल मीडिया के बढ़ते दायरे के साथ ही विदेशी धरती से भारत में बाल यौन उत्पीड़न (चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज) सामग्री  बड़े पैमाने पर परोसी जा रही है। सोशल मीडिया पर बाल यौन उत्पीडऩ सामग्री के प्रसार के मामले 250 से 300 फीसदी बढ़े हैं। इसमें देखने में ये आया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही बाल यौन उत्पीडऩ सामग्री विदेशी है। 

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भारतीय जांच एजेंसियों की अभी तक जांच में भारत में बनी बाल यौन उत्पीडऩ अपराध सामग्री का अब तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। दिल्ली में इस वर्ष 2023 में अभी तक बाल यौन उत्पीडऩ सामग्री प्रसारित होने के 450207 मामले रिपोर्ट हुए हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस जहां कई तरीके अपना कर बच्चों को जागरूक रख रही है वहीं सोशल मीडिया पर पैनी नजर रख रही है।  
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका की एक एनजीओ नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लोइड चिल्ड्रन (एनसी-एमईसी) है। ये भारत में आए चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज के मामलों को एनसीईआरबी को भेजती है। एनसीईआरबी इसे राज्य के हिसाब से मामलों को भेजती है। यानि जिस राज्य के मामले हैं, उन्हेंं उस राज्य को भेजती है। इसी तरह एनसीईआरबी दिल्ली के केसों को दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट को भेजती है। 
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत में सभी मामले सोशल मीडिया पर बाल यौन उत्पीडऩ के फोटो व वीडियो के प्रसार के हैं। देश व समाज के लिए अच्छी बात ये है कि भारत में बाल यौन उत्पीडऩ अपराध सामग्री मामले में कोई संलिप्त नहीं पाया गया है और न ही यहां पर बाल यौन उत्पीड़न प्रसारण जैसा अपराध हुआ है। कुछ वर्ष पहले भारत में बाल यौन उत्पीड़न अपराध का मामला सामने आया है। उसमें एक विदेशी भारत आकर बाल यौन उत्पीड़न की फोटो व वीडियो बनाता था। इस मामले में सीबीआई ने मामला दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार कर कार्रवाई की थी।

आईटी एक्ट में दर्ज होता है मुकदमा
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि भारत में बाल यौन उत्पीड़न सामग्री को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुनना, रखना और प्रसारित अपराध है। इन तीनों श्रेणी में पोक्सो व आईटी एक्ट के तहत मामले दर्ज होते हैं। दिल्ली पुलिस केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी व राज्यों की पुलिस के साथ बड़े पैमाने पर अभियान चलाती रहती है। हाल में ही देश भर में ऑपरेशन मासूम चलाया गया था। इस ऑपरेशन के दौरान 100 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई थीं।

अभी तक रिपोर्ट हुए प्रसार के 450207 मामले 
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर बाल यौन उत्पीड़न सामग्री के वर्ष 2023 में अभी तक 450207 रिपोर्ट हो चुके हैं। इनमें से 3039  मामलों में दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। इनमें से 447168 मामलों का अभी अध्ययन किया जा रहा है। इसमें से कुछ सामग्री ऐसी है कि भारत में पिता, भाई व बहन द्वारा छोटी बच्चों की प्यार से खींची गई फोटो को भी अमेरिकी एनजीओ ने बाल यौन उत्पीड़न की श्रेणी में डाल दिया। सोशल मीडिया पर बाल यौन उत्पीड़न सामग्री के वर्ष 2022 में 204056, वर्ष 2021 में 163633 और वर्ष 2020 में 17390 मामले रिपोर्ट हुए थे। 

पुलिस सामग्री को प्रसारित होने से   ऐसे रोकती है
स्पेशल सेल में बाल यौन उत्पीड़न सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए एएस सिस्टम लगा रखा है। इससे पुलिस को अलर्ट मिलता रहता है। इससे अलावा आठ सदस्यीय टीम हैं जो सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर रखती है। अब सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री प्रसारित होती है दिल्ली पुलिस सबसे पहले भारत में उसे प्रतिबंधित करा देती है। इसके बाद पुलिस एफआईआर दर्जकर कानूनी कार्रवाई करती है। 


चला रही जागरूकता अभियान 
दिल्ली पुलिस बच्चों को अपराध से बचाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान जा रही है। इसके तहत जगह-जगह सेमिनार किए जा रहे हैं। स्कूलों में जाकर शिक्षकों से भी बच्चों को जागरूक करने के लिए कहा जाता है। सोशल मीडिया के जरिए भी जागरूकता लाई जा रही है। 

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