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Delhi : जामताड़ा के जालसाजों का देशभर में कहर, बिजली काटने का झांसा देकर पर दिल्ली में 1000 को ठगा

Wed, 07 Dec 2022 02:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 07 Dec 2022 02:25 AM IST
सार

Delhi : जालसाज बिजली कटने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं। आरोपी अकेले दिल्ली में ही कुछ माह में 1000 हजार लोगों को ठग चुके हैं। दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य संजीव कुमार सिंह को गिरफ्तार किया तो पूछताछ में यह खुलासा हुआ।

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Delhi : 1000 people cheated in Delhi on the pretext of cutting electricity
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

झारखंड स्थित जामताड़ा के 15-20 जालसाजों का एक गिरोह देशभर में लोगों को ठग रहा है। गिरोह के प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग राज्यों का प्रभारी बनाया गया है। जालसाज बिजली कटने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं। आरोपी अकेले दिल्ली में ही कुछ माह में 1000 हजार लोगों को ठग चुके हैं। दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य संजीव कुमार सिंह को गिरफ्तार किया तो पूछताछ में यह खुलासा हुआ। संजीव का काम बैंक खातों से ठगी की रकम को निकालना था।

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दक्षिण जिला डीसीपी चंदन चौधरी ने बताया कि एफ-ब्लाक, साकेत निवासी सीनियर सिटीजन आत्मप्रकाश चौधरी ने साइबर पुलिस स्टेशन प्रभारी अरुण कुमार वर्मा को शिकायत दी थी कि उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसमें लिखा था कि पिछले माह का बिल अपडेट नहीं होने से रात 9:30 बजे विभाग की ओर से घर की बिजली काट दी जाएगी। तत्काल दिए गए नंबर पर अधिकारी से बात करें। इसके बाद उन्होंने दिए हुए नंबर पर बात कर बिल पहले ही चुका देने की बात कही।
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इस पर ठग ने कहा कि अकाउंट अपडेट करना पड़ेगा जिसके लिए 11 रुपये देने होंगे। अकाउंट अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने बुजुर्ग से एनीडेस्क एप डाउनलोड करवा दिया। इससे आत्मप्रकाश के मोबाइल का कंट्रोल जालसाजों के पास चला गया। आरोपियों ने कई बार में पीड़ित के बैंक खाते से छह लाख आठ हजार रुपये निकाल लिए।
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मामला दर्जकर साइबर थाना अरुण कुमार वर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर हंसाराम, हवलदार रामबीर, हवलदार तरुण राघव व हवलदार नितेश की टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता लगा कि पीड़ित को कॉल जामताड़ा से की गई है। उस अकाउंट की भी जांच की गई जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी और जामताड़ा व धनबाद में निकाली गई थी। इसके बाद हवलदार तरुण राघव व हवलदार रामबीर की टीम ने झारखंड में दबिश देकर संजीव कुमार सिंह (37) को दो दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन व दो डेबिड कार्ड बरामद किए गए हैं। गिरोह में करीब 15 से 20 सदस्य हैं। हर सदस्य को ठगी के लिए अलग-अलग राज्य का प्रभारी बनाया गया है।


कॉरपोरेट कंपनी की तर्ज पर करते हैं ठगी
गिरोह के सदस्य कॉरपोरेट कंपनी की तर्ज पर ठगी कर रहे हैं। पीड़ित को मैसेज , कॉलिंग करने, सिमकार्ड उपलब्ध कराने, बिजली अधिकारी बनकर बात करने, बैंक खाते से पैसे निकालने और बैंक खाता उपलब्ध कराने आदि के लिए अलग-अलग टीमें बनी हुई हैं। हर टीम सिर्फ अपना काम करती है।

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