दिल्ली: मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदलकर 150 लोगों से अधिक से ठगी के आरोप में दो गिरफ्तार, 155 एटीएम कार्ड बरामद
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी टीम को शिकायतें मिल रही थी कि इलाके में कुछ ठग बुजुर्ग लोगों या कम पढ़े लिखे लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर उनके साथ ठगी कर रहे हैं। आरोपी ऐसी जगह वारदातों को अंजाम दे रहे थे, जहां पर सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं रहते हैं।
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शाहदरा जिले के गांधी नगर थाना पुलिस ने मदद के बहाने धोखे से एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान चौहान बांगर, सीलमपुर निवासी गुलनवाज (22) और समीर खान (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 155 एटीएम-डेबिट कार्ड, 10 हजार कैश और एक स्कूटी बरामद की हैं।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि पिछले कुछ समय में 150 से अधिक वारदात को अंजाम देकर 50 लाख से अधिक की ठगी कर चुके हैं। इनका एक अन्य साथी करीम इनको एटीएम-डेबिट कार्ड उपलब्ध करवाता था। फिलहाल वह फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही है। गैंग ने नौ दिसंबर को गांधी नगर इलाके में ठगी की तीन वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी टीम को शिकायतें मिल रही थी कि इलाके में कुछ ठग बुजुर्ग लोगों या कम पढ़े लिखे लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर उनके साथ ठगी कर रहे हैं। आरोपी ऐसी जगह वारदातों को अंजाम दे रहे थे, जहां पर सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं रहते हैं।
नौ दिसंबर को दिया था तीन वारदात को अंजाम
उन्होंने बताया कि नौ दिसंबर को आरोपियों ने गांधी नगर इलाके में सभाकांत मिश्रा, हरीश चंदर और राम निवास वर्मा नामक तीन लोगों से एटीएम कार्ड बदलकर लाखों रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी के अलावा टेक्निकल सर्विलांस से मामले की जांच की।
इसके बाद 10 दिसंबर को टीम की मेहनत रंग लाई। टीम को सूचना मिली कि वारदात में शामिल दो लड़के ठोकर नंबर-17, पुश्ता रोड, गांधी नगर आने वाले हैं। फौरन छापेमारी कर आरोपियों को दबोच लिया। उनकी तलाशी लेने पर अलग-अलग बैंक के कुल 155 एटीएम-डेबिट कार्ड बरामद हुए।
तीन साल से दे रहे वारदात को अंजाम
आरोपियों ने बताया कि वह पिछले करीब तीन साल से करीम नामक आरोपी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। आरोपी ऐसे लोगों को शिकार बनाते थे, जिनको एटीएम से पैसे निकालने में दिक्कत होती थी। बिना गार्ड वाले एटीएम बूथ पर जाकर आरोपी ऐसे लोगों को मदद ऑफर करते थे।
उन्होंने बताया कि मदद के बहाने आरोपी पहले पीड़ितों के खाते का पिन नंबर देखकर उसे नोट कर लेते थे। फिर चुपचाप एटीएम कार्ड बदल देते थे। जब तक पीड़ित को पता चलता था। उनके खाता पूरा साफ कर लिया जाता था। आरोपी करीम इनको एटीएम कार्ड उपलब्ध करवाता था। पकड़े गए दोनों आरोपी गुलनवाज और समीर खान दोनों की पहली बार गिरफ्तार हुए हैं।