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सीपीसीबी ने किया सतर्क: दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर, बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को घर से न निकलें की सलाह
Fri, 12 Nov 2021 07:53 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 12 Nov 2021 07:53 PM IST
सार
सीपीसीबी ने कहा कि दिन में हुई समीक्षा बैठक में यह देखा गया कि 18 नवंबर तक शांत परिस्थितियों के साथ कम हवाओं के मद्देनजर प्रदूषकों के फैलाव के लिए रात में मौसम संबंधी स्थितियां अत्यधिक प्रतिकूल होंगी।
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दिल्ली में प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंचने के बाद बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह है। दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण की वजह से चोक हो चुका है। शुक्रवार को सीपीसीबी ने प्रदूषण से बचने के उपायों को लेकर जानकारी भी साझा की। जिन लोगों को खांसने, नाक बहने या फिर छाती में दर्द-भारीपन इत्यादि की शिकायत हो रही है तो उन्हें तत्काल चिकित्सीय परामर्श के साथ घर में ही आराम करने की सलाह दी है।
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इनके अलावा जिन लोगों को आवश्यक कार्य से बाहर जाना है उनके लिए सीपीसीबी ने सलाह दी है कि वापस घर पहुंचने के बाद तत्काल चेहरे को दो बार साफ पानी और साबुन से साफ करें। इसके बाद गुनगुने पानी का ही सेवन करें। साथ साथ ही दिनचर्या पर भी नजर रखें। सांस लेने में कठिनाई होने पर बगैर किसी देर किए डॉक्टर से परामर्श करें।
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वर्क फ्रॉम होम को दें बढ़ावा, 18 तक नहीं मिलेगी राहत
उधर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आकलन है कि 18 नवंबर तक हालात सुधरने के आसार नहीं है। मौसमी दशाएं इसी तरह बनी रहेंगी। रात में हवाएं पूरी शांत रहेंगी। सरकारी और निजी दफ्तरों को सीपीसीबी की सलाह है कि 30 फीसदी तक वाहनों की इस्तेमाल कम करें। वर्क फ्रॉम होम के साथ कार पूलिंग को भी बढ़ावा दें। अतिआवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। दिल्ली-एनसीआर में काम करने वाली सभी प्रशासनिक एजेसियों को सीपीसीबी की सख्त हिदायत है कि वह नियमित तौर पर निगरानी करने के साथ उसकी हर रिपोर्ट बोर्ड को सौंपे। संबंधित एजेसी ग्रैप के नियमों को सख्ती से लागू करें।
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प्रदूषण से बचाव के लिए क्या करें?
. घरों के अंदर ही रहें या बाहर के काम को बाद के लिए छोड़ें
. सांस लेने में दिक्कत होने, चक्कर आने, कफ, छाती में असहजता या दर्द होने, आंख में समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें
. फेफड़े या हृदय रोगियों को अपनी दवा उपलब्ध रखनी चाहिए
. अगर मास्क इस्तेमाल करते हैं तो एन-95 सर्टिफाइड मास्क का इस्तेमाल करें और उसमें दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें, साधारण मास्क बेअसर हैं
. खाना बनाने या गर्म करने के लिए धुआं रहित गैस या बिजली का ही उपयोग करें
. पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें
प्रदूषण से बचाव के लिए क्या न करें?
. पत्ते, लकड़ी, कृषि उत्पाद और कचरा न जलाएं
. ज्यादा ट्रैफिक वाले और प्रदूषित जगहों, कंस्ट्रक्शन वाले इलाकों में न जाएं
. मॉर्निंग और लेट इवनिंग वॉक, रन, जॉगिंग और एक्सरसाइज के लिए न जाएं
. सुबह और देर शाम में दरवाजे और खिड़कियां न खोलें
. सिगरेट, बीड़ी और दूसरे तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल से
. कार, स्कूटर और दूसरे मोटर वाहन चलाने से परहेज करें