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Corona Alert: दिल्ली में तेजी से बढ़ रहा कोरोना, 14 दिन में नौ गुना बढ़े संक्रमित, अब वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी दोगुना मरीज
Sat, 15 Jan 2022 10:57 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 15 Jan 2022 10:57 PM IST
सार
स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रो. रिजो एम जॉन का मानना है कि दिल्ली सरकार अभी कोरोना के मामले में थोड़ा जल्दबाजी कर रही है। अभी तक इसके उछाल को समझना ही बाकी है लेकिन सरकार उससे एक कदम आगे जाकर अपने फैसले ले रही है।
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कोरोना मरीज। (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
कोरोना महामारी की पांचवीं लहर में संक्रमण दर काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। स्थिति यह है कि दिल्ली में बीते 14 दिन के दौरान संक्रमित मरीजों की संख्या में नौ गुना की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि अस्पतालों में वेंटिलेटर सपोर्ट पर मौजूद रोगियों की संख्या दोगुना बढ़ी है।
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दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान जब मामलों की संख्या समान थी, उस दौरान लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की दर और वेंटिलेटर की आवश्यकता संबंधी दर अधिक थी। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बीते दिनों कहा था कि हालांकि मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने की दर स्थिर हो गई है जो दर्शाती है कि लहर थम गई है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो महज भर्ती होने की दर में स्थिरता आने से लहर थमने की घोषणा नहीं की जा सकती है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रो. रिजो एम जॉन का मानना है कि दिल्ली सरकार अभी कोरोना के मामले में थोड़ा जल्दबाजी कर रही है। अभी तक इसके उछाल को समझना ही बाकी है लेकिन सरकार उससे एक कदम आगे जाकर अपने फैसले ले रही है।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में एक जनवरी को कोविड-19 के 2,716 मामले थे, जबकि 14 जनवरी को मामलों की संख्या 24,383 थी। इसी तरह एक जनवरी को अस्पताल में 247 मरीज थे, जिनमें से पांच मरीज वेंटिलेटर (2.02 फीसदी) पर थे, जबकि 14 जनवरी को अस्पताल में 2,529 मरीज थे, जिनमें से 99 मरीज (3.91 फीसदी) वेंटिलेटर पर थे।
आंकड़े दर्शाते हैं कि एक जनवरी से 14 जनवरी के बीच संक्रमण के मामलों की संख्या में 8.9 गुना वृद्धि हुई, लेकिन कोविड मरीजों के वेंटिलेटर पर जाने की दर में केवल दोगुना वृद्धि हुई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि अस्पताल में भर्ती होने की अपेक्षा वेंटिलेटर मरीजों की फीसदी वृद्धि दर बहुत कम है। अधिकारी ने कहा कि केवल अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित कोविड मरीजों को वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है, लेकिन अब भी सावधानी बरतनी होगी।
पांच जनवरी को, कोविड मामलों की संख्या 10,655 थी, जबकि 5,782 रोगियों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था और इनमें से केवल 2.81 फीसदी (22 रोगी) वेंटिलेटर पर थे। इसी तरह, 10 जनवरी को, शहर में 19,166 कोविड मामले सामने आए थे, जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 1,999 थी, जिनमें से केवल 3.25 फीसदी (65 मरीज) वेंटिलेटर पर थे। इसी प्रकार 13 जनवरी को, मामलों की संख्या 28,867 थी, जो महामारी शुरू होने के बाद से सबसे अधिक थी। उस दिन अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 2,424 थी, जिनमें से 98 मरीज (4.04 फीसदी) वेंटिलेटर पर थे।