फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Center takes loan from RBI to Delhi: Sisodia

केंद्र आरबीआई से कर्ज लेकर दिल्ली को दे : सिसोदिया

Fri, 28 Aug 2020 12:58 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 12:58 AM IST
विज्ञापन
Center takes loan from RBI to Delhi: Sisodia
नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का मानना है कि जीएसटी लागू करने में केंद्र सरकार नाकाम रही है। केंद्र फिलहाल क्षतिपूर्ति देने को भी तैयार नहीं है। सिसोदिया बृहस्पतिवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। सिसोदिया के मुताबिक, आजादी के बाद राज्यों के साथ केंद्र का सबसे बड़ा धोखा किया है। केंद्र ने पहले राज्यों से टैक्स संबंधी अधिकार छीन लिए। अब नुकसान की भरपाई का वादा तोड़ा। दिल्ली सरकार को खुद कर्ज लेने का अधिकार नहीं है। केंद्र खुद आरबीआई से कर्ज लेकर राज्यों का क्षतिपूर्ति दे।
विज्ञापन

सिसोदिया ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-17 में जीएसटी लागू करते समय सबसे बड़ा टैक्स सुधार बताते हुए जनता को महंगाई कम होने का सपना दिखाया गया था। राज्यों को भी रेवेन्यू बढ़ने का सपना दिखाया गया। राज्यों से 87 फीसदी टैक्स संग्रह का अधिकार केंद्र ने ले लिया और कहा कि आपको इससे अपना हिस्सा मिल जाएगा। जीएसटी कानून में पांच साल तक राज्यों के नुकसान की भरपाई का दायित्व केंद्र सरकार पर है। केंद्र ने भरोसा दिया था कि अगर राज्यों का रेवेन्यू कम होगा तो 14 फीसदी वृद्धि की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन

मनीष सिसोदिया के मुताबिक, जीएसटी लागू हुए तीन साल पूरे हो चुके हैं। लेकिन अब तक न तो महंगाई कम हुई है और न ही राज्यों का राजस्व बढ़ा है। अभी कोरोना संकट के कारण सभी राज्यों का राजस्व काफी कम हो गया है तो केंद्र सरकार ने क्षतिपूर्ति देने के बदले हाथ खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मनीष सिसोदिया ने बताया कि जीएसटी कौंसिल की बैठक में भाजपा शासित राज्यों सहित अनेक राज्यों ने केंद्र से नुकसान की भरपाई की मांग की। सिसोदिया ने कहा कि जीएसटी में सेस लेने की व्यवस्था है। वर्ष 2017-18 में काफी सेस आया था जबकि क्षतिपूर्ति कम देने की जरूरत पड़ी थी। इसके कारण केंद्र के पास 47,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि बच गई थी। इसे केंद्रीय फंड में डाल दिया गया। लेकिन आज जब राज्यों को नुकसान की भरपाई करने की जरूरत है तो केंद्र सरकार अपने वैधानिक दायित्व से पीछे भाग रही है।
आरबीआई से कर्ज नहीं ले सकती दिल्ली
मनीष सिसोदिया के मुताबिक, केंद्र से कहा गया है कि राज्य सरकार खुद आरबीआई से कर्ज लेकर अपना काम चलाएं। यह अजीब बात है, क्योंकि केंद्र को सेस की राशि से राज्यों को क्षतिपूर्ति देना है। ऐसे में केंद्र स्वयं आरबीआइ से कर्ज लेकर राज्यों को दे। इसका केंद्र सरकार पर कोई भार नहीं पड़ेगा, इसके बावजूद केंद्र ऐसा करने को तैयार नहीं है।

दिल्ली का राजस्व लक्ष्य से 57 फीसदी कम
मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली का राजस्व संग्रह लक्ष्य से 57 फीसदी कम है। इसे पूरा करने के लिए केंद्र या क्षतिपूर्ति दे या खुद कर्ज लेकर दे। सिसोदिया ने कहा कि 7000 करोड़ कम टैक्स आया है तथा 21000 करोड़ का शॉर्टफॉल है। केंद्र अगर इसकी भरपाई की वैधानिक जिम्मेवारी से पीछे भाग रही है। ऐसे में डॉक्टर्स, टीचर्स, कर्मचारियों, एमसीडी और डीटीसी वालों को सैलरी कहां से मिलेगी?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed