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Delhi News: स्कूल प्राचार्यों को क्षमता निर्माण का पाठ पढ़ाएगा सीबीएसई

Thu, 28 Mar 2024 07:01 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 28 Mar 2024 07:01 PM IST
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CBSE will teach capacity building lessons to school principals
सीबीएसई ने भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्राचार्यों का एक्सपोजर दौरा कराने का फैसला किया
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देशभर से सात संस्थानों का किया गया चयन, अप्रैल से होगी शुरूआत

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के प्राचार्य अब क्षमता निर्माण का पाठ पढ़ेंगे। इसके लिए बोर्ड ने भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्राचार्यों का एक्सपोजर दौरा कराने का फैसला किया है। इस दौरे के लिए देशभर से सात संस्थानों का चयन किया गया है। अप्रैल से इसकी शुरूआत की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि इससे स्कूलों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों के बीच तालमेल का लाभ उठाने में मदद मिलेगी
सीबीएसई ने प्राचार्यों के लिए भारत के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में एक्सपोजर विजिट आयोजित करने की योजना बनाई है। इस दौरान संस्थानों के वरिष्ठ संकाय सदस्य स्कूल प्राचार्यों का क्षमता का निर्माण करेंगे। बोर्ड का मानना है कि प्रधानाचार्यों की एक्सपोजर विजिट से स्कूलों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों के बीच तालमेल का लाभ उठाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सामंजस्यपूर्ण बातचीत के लिए एक सकारात्मक मंच तैयार होगा।
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अप्रैल 2024 से विभिन्न संस्थानों के साथ एक्सपोजर विजिट के लिए जो शृंखला निर्धारित की है, वह अप्रैल से मई तक चलेगी। इसके लिए जिन संस्थानों का चयन किया गया है उनमें दिल्ली स्थित टेरी स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज, गुजरात स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नोएडा स्थित एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म टेलीविजन, मेघालय स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, आंध्र प्रदेश स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुम्बई स्थित विसलिंग वुड्स इंटरनेशनल, रायपुर स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट शामिल है।
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बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्राचार्यों को किसी एक संस्थान की विजिट ही कराई जाएगी। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक से आवेदन करना होगा। यदि आवेदन करने के बाद कोई उपस्थित नहीं हो सकेगा तो इसकी सूचना उन्हें बोर्ड को देनी होगी जिससे कि किसी अन्य प्राचार्य को मौका मिल सके। दरअसल स्कूल प्राचार्यों में स्कूल चलाने की क्षमता तो होती है लेकिन नीतियों के निर्धारण के लिए कई ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं जिनके लिए क्षमता निर्माण की आवश्यकता होती है। इसीलिए बोर्ड चाहता है कि विभिन्न संस्थानों में जाकर उन्हें काफी कुछ सीखने-समझने का अवसर मिले जिसका लाभ वह स्कूल में भी उठा सकें। इससे उन्हें स्कूलों में कौशल विकास करने में भी लाभ मिलेगा।
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