फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   CBSE Board: Students dissatisfied with 12th marks can claim from today

सीबीएसई : 12वीं के अंकों से असंतुष्ट छात्र आज से कर सकते हैं दावा, चार चरणों में निपट जाएगा विवाद

Mon, 09 Aug 2021 04:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 09 Aug 2021 04:41 AM IST
सार

  • स्कूल प्रिंसिपल को लिखित में देना होगा आवेदन, 14 अगस्त तक चलेगी प्रक्रिया
  • नतीजों में त्रुटी होने पर क्षेत्रीय कार्यालय अधिकारी करेंगे विवाद का निपटारा

विज्ञापन
CBSE Board: Students dissatisfied with 12th marks can claim from today
demo pic - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) ने 12वीं कक्षा के अंकों से असंतुष्ट छात्रों का इंतजार खत्म कर दिया है। सोमवार से अंकों से जुड़े विवाद को लेकर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। चार चरणों में विभाजित प्रक्रिया से छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। छात्र नौ अगस्त लेकर 12 अगस्त तक प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। वहीं, बोर्ड की ओर से 14 अगस्त तक विवादों का निपटान कर लिया जाएगा। 

विज्ञापन


सीबीएसई ने जून में टैबुलेशन पॉलिसी को जारी करते हुए 12वीं के परिणाम का फॉर्मूला जारी किया था। इसके तहत 12वीं में मीड टर्म, यूनिट व प्री बोर्ड परीक्षा के 40 फीसदी, 11वीं कक्षा में अंकों का 30 फीसदी और 10वीं में बेस्ट तीन विषयों के 30 फीसदी अंकों को आधार बनाया गया था। साथ ही बोर्ड ने असंतुष्ट छात्रों को अंकों से जुड़े विवाद को लेकर दावा करने का अवसर देने की बात कही थी।
विज्ञापन


सीबीएसई ने रविवार को जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि इसके लिए वे छात्र विवाद को लेकर दावा कर सकते हैं जो अंकों से संतुष्ट नहीं हैं या फिर कमेटी की ओर से अंक गणना में गलती है। साथ ही नई नीति को लेकर आपत्ति रखने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस तरह करना होगा आवेदन
अंकों से असंतुष्ट छात्रों को अपने स्कूलों के प्राधानाचार्यों को पत्र के माध्यम से अपने कारणों से स्पष्ट करने होंगे। इसके बाद स्कूल इस रिकॉर्ड को ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से अपने पास रखेंगे। वहीं, परिणाम को तैयार करने वाली कमेटी छात्रों के कारणों के आधार पर परिणाम की जांच करेंगे। जांच करन पर यदि परिणाम सही पाया जाता है और असंतुष्ट होने वाला कोई कारण नहीं निकलता है तो छात्र को कमेटी की ओर से जवाब भेज दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड स्कूलों को भी अपने पास रखना होगा। वहीं, बोर्ड ने इस पूरी प्रक्रिया को टाइप 1 श्रेणी में रखा है।

नतीजों में त्रुटि होने पर क्षेत्रिय कार्यालय अधिकारी करेंगे विवाद का निपटारा
यदि छात्रों के अंकों को मूल्यांकन में कोई गलती पाई जाती है तो परिणाम समिति की ओर से सभी दस्तावेजों के साथ गलती होने व इसके प्रभाव को लेकर स्कूलों को सूचित किया जाएगा। साथ ही स्कूल के प्रिंसिपल व परिणाम समिति के अध्यक्ष द्वारा क्षेत्रिया कार्यालय में भी सूचना दी जाएगी। इसके बाद क्षेत्रिय कार्यालय अधिकारी के द्वारा इस मामले में निर्णय लेकर जरूरी सुधार किया जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय कार्यालयों की ओर से इस तरह के सभी मामलों को मुख्यालय में भी रिपोर्ट देनी होगी। स्कूलों की ओर से क्षेत्रिय कार्यालयों में स्कूल रिक्वेस्ट सबमिशन फॉर रिसोल्यूशन(एसआरएसआर) के माध्यम से आवेदन भेजा जाएगा। इसके लिए स्कूल लॉग-इन करने पर लिंक से आवेदन भेज सकेंगे। आवेदन करते समय स्कूलों को टाइप 2 पर क्लिक करना होगा। 

गलत अंकों को लेकर टाइप तीन से स्कूल कर सकेंगे आवेदन
यदि छात्रों का गलत अंकों को लेकर विवाद है तो स्कूल की ओर से लॉग-इन कर लिंक से टाइप तीन पर क्लिक कर आवेदन करना होगा। इसके तहत अंकों की गलत गणना व परिणाम अपलोड करने में हुई त्रुटी की जांच की जाएगी। इसकी जांच के लिए सीबीएसई के सहायक सचिव, केंद्रीय विद्यालयों के प्रिंसिपल, निजी स्कूलों के प्रिंसिपल व शिक्षा निदेशक स्तर तक के अधिकारी जांच कमेटी में शामिल होंगे। कमेटी अपनी जांच पूरी कर क्षेत्रिय कार्यालयों को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच करने पर यदि परिणाम में कोई गलती नहीं पाई जाती है तो क्षेत्रिय कार्यालयों की ओर से छात्रों को जानकारी दी जाएगी वहीं, यदि परिणाम में कोई त्रुटी है तो ऐसे परिणामों में क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा सुधार किया जाएगा व इस संबंध में मुख्यालय को भी रिपोर्ट भेजनी होगी। 


नई नीति से आपत्ति को लेकर इस तरह होगा विवाद का निपटारा
यदि किसी छात्र को नई बोर्ड की नई नीति से आपत्ति है तो इसके लिए स्कूलों की ओर से लिंक पर मौजूद नीति के संबंध में टाइप चार पर क्लिक कर आवेदन करना होगा। आपत्ति को लेकर पूरा विवरण देना अनिवार्य है। इसके बाद विवाद को संयुक्त सचिव और उप सचिव व इससे ऊपर का अधिकारी और रिटायर्ड प्रिंसिपल की अध्यक्षता वाले बोर्ड में रखा जाएगा। कमेटी अपने सुझाव परीक्षा नियंत्रक को देगी व परीक्षा नियंत्रक मामले में निर्णय लेंगे। यदि विवाद सही नहीं पाया जाता है तो सीबीएसई की ओर से स्कूल को सूचित किया जाएगा वहीं, विवाद सही पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।   

प्रक्रिया की यह रहेंगी महत्वपूर्ण तिथियां
टाइप 1
शुरू होने की तिथि- नौ अगस्त
खत्म होने की तिथि-11 अगस्त
परिणाम कमेटी की प्रक्रिया तिथि
शुरू होने की तिथि- 10 अगस्त
खत्म होने की तिथि- 13 अगस्त

टाइप-2
शुरू होने की तिथि-11 अगस्त
खत्म होने की तिथि- 14 अगस्त
परिणाम कमेटी की प्रक्रिया की तिथि
शुरू होने की तिथि: 12 अगस्त
खत्म होने की तिथि- 16 अगस्त 

टाइप -3
शुरू होने की तिथि- 10 अगस्त
खत्म होने की तिथि- 12 अगस्त
परिणाम कमेटी की प्रक्रिया की तिथि
शुरू होने की तिथि- 11 अगस्त
खत्म होने की तिथि- 14 अगस्त 

जरूरी दिशा-निर्देश

  • छात्र बोर्ड द्वारा अंकों के निर्धारण व घटाने और बढ़ाने में अपने गए तरीकों को चुनौती नहीं दे सकेंगे। 
  • स्कूल व छात्रों को आवेदन के विषय में कक्षा 10वीं या 12वीं को लेकर स्पष्ट करना होगा
  • 12वीं के विवादों का प्रमुख तौर पर किया जाएगा निपटारा
  • कक्षा10वीं के नतीजों का विवाद 12वीं के विवादों का निपटारा होने के बाद किया जाएगा
  • कॉलेजों में आवेदन करने वाले छात्रों को विवाद के परिणाम का इंतजार किए बिना कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में समय से आवेदन करने के लिए सलाह दी गई है
  •  विवाद के निपटारे के लिए स्कूलों को बोर्ड की ओर से केवल पांच हजार रुपये का  ही भुगतान किया जाएगा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed