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आतंकी की सेल से दो मोबाइल और सिम बरामद, मुंबई के एंटीलिया केस से जुड़े हैं तार
Sat, 13 Mar 2021 04:57 AM IST
योगेश जोशी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Sat, 13 Mar 2021 04:57 AM IST
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उद्योगपति मुंकेश अंबानी के घर के बाहर खड़ीं संदिग्ध कारें।
- फोटो : Video Grab
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उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर कार में विस्फोटक मिलने और जैश-उल-हिंद की धमकी के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तिहाड़ की जेल नंबर 8 की सेल से दो मोबाइल व एक सिम बरामद कराए हैं। जिस सेल से ये दो मोबाइल और सिम मिले हैं, उसमें इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का आतंकी तहसीन अख्तर उर्फ मोनू भी है।
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इन दोनों मोबाइल में एक वीवो और दूसरा ओप्पो कंपनी का है। वीवो के मोबाइल से वह टेलीग्राम चैनल तैयार किया गया था, जिससे एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी कार खड़ी करने की जिम्मेदारी जैश उल हिंद ने ली थी। इसके बाद जेल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं कि हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद आतंकी तक आखिर मोबाइल कैसे पहुंचे।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एंटीलिया केस के लिंक तिहाड़ से जुड़ने के बाद बृहस्पतिवार शाम 6 से रात 9 बजे तक छापेमारी की गई थी। इसी दौरान तहसीन अख्तर की सेल से ये दोनों मोबाइल बरामद हुए। वीवो के मोबाइल से टीओआर ब्राउजर के जरिये वर्चुअल नंबर क्रिएट किया गया। इसके बाद टेलीग्राम अकाउंट बनाया गया।
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फिर धमकी भरा पोस्ट तैयार कर टेलीग्राम के जरिए ही भेजा गया। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में खुलासा हुआ कि 26 फरवरी को संदेश भेजने के लिए टेलीग्राम का यह चैनल बनाया गया था। इसे टीओआर नेटवर्क के जरिये बनाया गया था, जो कि डार्क वेब को एक्सेस करने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सिम हासिल करने के लिए जो वैकल्पिक मोबाइल नंबर दिया गया था, वह भी स्पेशल सेल के रडार पर है। यह नंबर सितंबर 2020 में एक्टिव हुआ था। हालांकि वैकल्पिक नंबर बंद आ रहा है। दोनों नंबर पूर्वी दिल्ली के रघुबरपुरा में रहने वाले जयादीप लोधिया के नाम पर लिए गए थे। पुलिस इस नाम और आईडी को फर्जी मान रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों ही नंबर तिहाड़ में कैदियों ने मंगाए थे।
पुलिस मोबाइल नंबर तिहाड़ जेल पहुंचाने वाले की भी तलाश कर रही है। तहसीन पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में बम धमाके, हैदराबाद और बोधगया के बम धमाकों में शामिल रहा है।
डीसीपी प्रमोद कुशवाह ने बताया कि स्पेशल सेल की सूचना के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन ने आतंकी की सेल में तलाशी कराई। यहां से दो मोबाइल और एक सिम मिला। ऐसा संदेह है कि इस मोबाइल से ही जैश उल हिंद ने एंटीलिया के बाहर जिलेटिन भरी कार खड़ी करने और धमकी देने की जिम्मेदारी ली थी। दिल्ली पुलिस मोबाइलों की फोरेंसिक जांच कराएगी।