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बजट 2022: गृहिणियों के हाथ रह गए खाली, कर देने वाली महिलाओं को भी टैक्स में राहत नहीं

Tue, 01 Feb 2022 06:42 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 01 Feb 2022 06:42 PM IST
सार

आम महिलाओं की नजर में ज्वैलरी, कपड़े, हीरे, फोन, मोबाइल चार्जर सस्ता होने से उनके घर के बजट पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। वहीं कर देने वाली महिलाओं को भी टैक्स में कोई राहत नहीं मिली है। इसलिए वह भी मायूस हैं।

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Budget 2022: Housewives are left empty no tax relief for women who pay taxes
बजट 2022 - फोटो : एएनआई-फाइल फोटो

विस्तार

देश के आम बजट से आधी आबादी (महिलाओं) को काफी उम्मीदें थी। मंहगाई के लगातार बढ़ने से महिलाओं के किचन का बजट गड़बड़ा रहा है। ऐसे में वह उम्मीद कर रही थीं कि घर में रोज इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के दाम कुछ कम होंगे। पेट्रोल, गैस सिलेंडर, व खाद्य वस्तुओं के सस्ता होने से उन्हें कुछ लाभ मिलेगा।

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लेकिन इस बजट से वह खुद को ठगा सा महसूस कर रही हैं। कोई खास लुभावनी घोषणा नहीं होने से वह काफी निराश हैं। आम महिलाओं की नजर में ज्वैलरी, कपड़े, हीरे, फोन, मोबाइल चार्जर सस्ता होने से उनके घर के बजट पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। वहीं कर देने वाली महिलाओं को भी टैक्स में कोई राहत नहीं मिली है। इसलिए वह भी मायूस हैं।

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हर साल महिलाओं के लिए सरकार के पिटारे से कुछ ना कुछ निकलता था। लेकिन इस बार बजट में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा जिससे कि घर के बजट को बढ़ने से रोका जा सके। टैक्स भरने वाली महिलाओं को भी इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। पहले के स्लैब केआधार पर ही उन्हें टैक्स देना होगा। मंहगाई को लेकर बजट में ऐसे कदम उठाने चाहिए थे जिनसे मध्यमवर्गीय परिवारों को कुछ राहत मिल सके और महिलाओं के लिए घर का बजट संभालना आसान हो।
- भारती कुमार (कामकाजी महिला)

महिलाओं के लिए रोजमर्रा की वस्तुओं को लेकर घोषणा नहीं की गई। बजट में कपड़े, रत्न, हीरे, आर्टिफिशयल आभूषण, मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर, जूते-चप्पल सस्ते किए गए हैं। इससे घर के बजट पर क्या असर पड़ेगा। यह ऐसी वस्तुएं हैं जिनके सस्ता होने से घर के बजट पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।
- साइला सिद्दकी (कामकाजी महिला)

महिलाओं को आयकर में छूट मिलनी चाहिए थी। टैक्स स्लैब नहीं बदला गया है। बजट में महिला सुरक्षा व सशिक्तकरण को लेकर ज्यादा कदम उठाने चाहिए। महिलाओं का सबसे ज्यादा फोकस घर के बजट पर रहता है। घर के बजट पर आम बजट में ध्यान दिया जाना चाहिए था। खासकर खाद्य वस्तुओं के दामों पर लगाम लगाई जानी चाहिए थी।
- उमा जैन (गृहिणी)

आम बजट युवाओं के आशानुरूप है। महामारी के चलते यह आशंका थी कि हम आर्थिक मोर्चे पर कई वर्ष पिछड़ सकते हैं लेकिन आंकड़े इस आशंका से इतर हैं। यह बजट वर्तमान युवा पीढ़ी को समावेशी विकास, स्टार्ट-अप संस्कृति से गुणवत्तापूर्ण उत्पादकता तथा पर्यावरण अनुकूलता से युक्त सकारात्मक दिशा की ओर प्रशस्त करने वाला  है। डिजिटल करेंसी, नई नौकरियां तथा अवसरों के सृजन पर फोकस,  बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण संबंधी घोषणाएं विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
- आशुतोष सिंह (युवा)

वर्तमान समय में चल रही महामारी के कारण रोजगार के मोर्चे पर युवाओं को सबसे ज्यादा जूझना पड़ रहा है। ऐसे में आम बजट ने विभिन्न 14 से अधिक क्षेत्रों को चिन्हित कर रोजगार सृजन संबंधी बात जो आम बजट के माध्यम से कही, वह स्वागत योग्य है। साथ ही रेल तथा सड़क संबंधी ढांचे के विकास संबंधी घोषणाएं भी महत्वपूर्ण हैं। उच्च शिक्षा क्षेत्र में पिछले बजट सत्र की तुलना में बजट बढ़ाया गया है यह अच्छा निर्णय है। अगले दस साल में 30 लाख नई नौकरियां मिलने की घोषणा की गई है, यह भी एक सराहनीय कदम है।
- प्रशांत मिश्र (युवा)

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