{"_id":"6ae1f6cfe5d587c0070b69c4","slug":"brijbhushan-has-been-granted-one-weeks-time-to-file-his-reply-ashram-news-c-340-1-del1011-161098-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi News: बृजभूषण को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi News: बृजभूषण को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत
विज्ञापन
यौन उत्पीड़न मामला : महिला पहलवानों ने बरी करने के फैसले को दी चुनौती
मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। महिला पहलवानों ने बृजभूषण और महासंघ के तत्कालीन सचिव विनोद तोमर को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है।
मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। विशेष न्यायाधीश डिग विनय सिंह की अदालत में बुधवार को सुनवाई के दौरान बृजभूषण के वकीलों ने कहा कि उन्हें अपील की प्रति देर से मिली, इसलिए जवाब तैयार करने के लिए और समय चाहिए। अदालत ने उनकी मांग स्वीकार कर ली। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक मनीष रावत को यह जानकारी लेने का निर्देश भी दिया गया कि क्या दिल्ली पुलिस इस मामले में अपनी ओर से अपील दाखिल करेगी।
महिला पहलवानों ने अपनी अपील में कहा है कि निचली अदालत का तीन अगस्त का फैसला गलत है और इसमें सबूतों का सही तरीके से आकलन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि फैसले में यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिलाओं के व्यवहार को लेकर पुरानी धारणाओं पर भरोसा किया गया। इन दलीलों पर अब अदालत विचार करेगी। इससे पहले 28 सितंबर को अदालत ने बृजभूषण और विनोद तोमर को नोटिस जारी किया था। साथ ही, पीड़ितों की पहचान उजागर न हो, इसके लिए उनके नाम वाले दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में रखने और अपील की प्रति से नाम हटाने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
2023 में दाखिल हुआ था आरोपपत्र
यह मामला महिला पहलवानों की शिकायतों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को बृजभूषण के खिलाफ करीब 1500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें यौन उत्पीड़न, पीछा करने और धमकी देने समेत कई आरोप लगाए गए थे। तीन अगस्त को निचली अदालत ने बृजभूषण और विनोद तोमर को बरी कर दिया था। अब महिला पहलवानों की अपील पर सत्र अदालत में सुनवाई जारी है।
विज्ञापन
मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। महिला पहलवानों ने बृजभूषण और महासंघ के तत्कालीन सचिव विनोद तोमर को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है।
मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। विशेष न्यायाधीश डिग विनय सिंह की अदालत में बुधवार को सुनवाई के दौरान बृजभूषण के वकीलों ने कहा कि उन्हें अपील की प्रति देर से मिली, इसलिए जवाब तैयार करने के लिए और समय चाहिए। अदालत ने उनकी मांग स्वीकार कर ली। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक मनीष रावत को यह जानकारी लेने का निर्देश भी दिया गया कि क्या दिल्ली पुलिस इस मामले में अपनी ओर से अपील दाखिल करेगी।
विज्ञापन
महिला पहलवानों ने अपनी अपील में कहा है कि निचली अदालत का तीन अगस्त का फैसला गलत है और इसमें सबूतों का सही तरीके से आकलन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि फैसले में यौन उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिलाओं के व्यवहार को लेकर पुरानी धारणाओं पर भरोसा किया गया। इन दलीलों पर अब अदालत विचार करेगी। इससे पहले 28 सितंबर को अदालत ने बृजभूषण और विनोद तोमर को नोटिस जारी किया था। साथ ही, पीड़ितों की पहचान उजागर न हो, इसके लिए उनके नाम वाले दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में रखने और अपील की प्रति से नाम हटाने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
2023 में दाखिल हुआ था आरोपपत्र
यह मामला महिला पहलवानों की शिकायतों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को बृजभूषण के खिलाफ करीब 1500 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें यौन उत्पीड़न, पीछा करने और धमकी देने समेत कई आरोप लगाए गए थे। तीन अगस्त को निचली अदालत ने बृजभूषण और विनोद तोमर को बरी कर दिया था। अब महिला पहलवानों की अपील पर सत्र अदालत में सुनवाई जारी है।