राहत: 19 महीने बाद दिल्ली में पहली बार कोरोना के सबसे कम मरीज मिले संक्रमित, बच्चों के लिए पहला विशेष टीकाकरण केंद्र जल्द होगा शुरू
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बीते 24 घंटे में 15 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। जो 19 महीने बाद दिल्ली में सबसे कम कोरोना संक्रमित मरीज की संख्या रही है।
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19 महीने बाद दिल्ली में कोरोना का संक्रमण सबसे कम देखने को मिल रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि पिछले एक दिन में 15 लोग संक्रमित हुए हैं। इससे पहले 28 मार्च 2020 को सबसे कम नौ लोग संक्रमित मिले थे जब दिल्ली में कोरोना महामारी की शुरूआत थी।
विभाग ने बताया कि पिछले एक दिन में 44739 सैंपल की जांच में 0.03 फीसदी दैनिक संक्रमण दर मिली है। इस दौरान 37 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया। इसी के साथ ही कुल मरीजों की संख्या 14,39,405 हो चुकी है जिनमें से 14,14,018 मरीज अब तक ठीक हुए हैं। वहीं 25089 मरीजों की मौत हो चुकी है। सक्रिय मरीजों की संख्या कम होकर 298 हो चुकी है जिनमें से 92 मरीजों का इलाज उनके घरों में चल रहा है।
दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या में फिर इजाफा हुआ है और यह 105 से बढ़कर 107 हो चुके हैं। वहीं अस्पतालों में अभी भी 189 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। दो मरीजों को अभी भी कोविड स्वास्थ्य केंद्र में रखा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 1.96 करोड़ से अधिक कुल टीकाकरण पहुंच चुका है जिनमें से 69.22 लाख लोग दोनों खुराक लेकर टीकाकरण पूरा कर चुके हैं। सोमवार को दिल्ली में 95482 लोगों ने वैक्सीन ली है।
बच्चों के लिए पहला विशेष टीकाकरण केंद्र होगा शुरू
टीकाकरण की मांग कम होने के बाद अब प्राइवेट केंद्रों ने अपना लक्ष्य बच्चों की ओर बढ़ा दिया है। इसी के तहत दिल्ली में एक निजी जांच केंद्र बच्चों पर विशेष टीकाकरण केंद्र शुरू करने जा रहा है। यहां 2 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को वैक्सीन दी जा सकती है। हालांकि अभी तक सरकार ने बच्चों के टीकाकरण को लेकर कोई नियम नहीं बनाया है और न ही यह तय हुआ है कि किस आयुवर्ग के कौन-कौन से बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार बच्चों के टीकाकरण केंद्र को आकर्षक लुक दिया जाएगा ताकि बच्चा यहां आकर फ्रेंडली व्यवहार कर सके। कार्टूनों से चित्रित किया जा रहा है। दीवारों पर जानवर और मोटू-पतलू जैसे लोकप्रिय कार्टूनों की पेंटिंग भी लगाई जा रही हैं।
दिल्ली के स्टार इमेजिंग लैब के निदेशक समीर भाटी ने कहा कि देश में 2 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों की आबादी भी काफी अधिक है। इन बच्चों पर विशेष केंद्रित टीकाकरण केंद्र शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के मन में वैक्सीन को लेकर भय है उसे दूर करना चाहिए। जल्द ही बच्चों का टीकाकरण देश में शुरू हो जाएगा।
दरअसल 16 जनवरी से देश में कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है। शुरूआत में प्राइवेट केंद्रों ने इस अभियान को पूरा करने में बढ़चढ़कर भाग लिया था लेकिन 21 जून से हर किसी को निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध होने की वजह से प्राइवेट केंद्रों पर लोगों की संख्या कम होती चली गई। फिलहाल स्थिति यह है कि प्राइवेट अस्पतालों के अलग अलग संगठन सरकार को लिखित में अपील कर चुके हैं कि उनके पास मौजूद वैक्सीन का भंडारण खपत से ज्यादा है, उसे वापस ले लिया जाए।
बच्चों को लेकर बात करें तो अभी तक जायडस कैडिला कंपनी की जायको-डी वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की अनुमति मिल चुकी है जिसे 12 वर्ष या उससे अधिक आयु में लगाया जा सकता है। इससे कम आयु के बच्चों के लिए अभी वैक्सीन को अनुमति नहीं मिली है। जबकि कोवाक्सिन को लेकर बीते दिनों विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने अनुमति देने की सिफारिश की है। यह वैक्सीन 2 से 18 वर्ष की आयु वाले बच्चों को दी जा सकती है।