KYC के नाम पर लाखों की ठगी: 50 बैंक खातों से निकाला कैश, 100 वारदातों को अंजाम देने वाला झारखंड से गिरफ्तार
दिल्ली में बैंक एकाउंट की केवाईसी कराने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। ये गिरोह 100 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुका है। गिरफ्तार आरोपी 50 बैंक खातों से लाखों की रकम निकाल चुका है।
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रोहिणी जिले की साबइर थाना पुलिस ने बैंक एकाउंट की केवाईसी कराने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। 22 साल के गिरोह के सदस्य बुबे रविदास को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के सदस्य देश भर में 100 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। आरोपी बुबे रविदास गिरोह में बैंक खातों को हैंडल करता था। वह 50 से ज्यादा बैंक खातों से लाखों रुपये की रकम निकाल चुका है। आरोपियों ने हाल ही में रोहिणी कोर्ट की मुख्य अभियोजक के साथ ठगी कर ली थी।
आरोपी खुद को बताता था बैंक प्रबंधक
रोहिणी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य अभियोजक राजरानी कटारिया ने एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पास छह जुलाई को एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद का नाम राजेश गुप्ता बताते हुए तीस हजारी परिसर में स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा का बैंक प्रबंधक बताया।
केवाईसी अपडेट के नाम पर बनाता था शिकार
कॉल करने वाले ने शिकायतकर्ता से भारतीय स्टेट बैंक की तीस हजारी शाखा में अपने खाते की केवाईसी अपडेट करने के लिए कहा। राजेश गुप्ता ने शिकायतकर्ता से उसके मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी साझा करने के लिए कहा। राजरानी कटारिया ने जैसे ही ओटोपी नंबर साझा किया तो उनके बैंक खाते से 50 हजार रुपये कट गए। मामला दर्जकर रोहिणी साइबर थानाध्यक्ष अजय दलाल, इंस्पेक्टर मनोज, एसआई अजित और हवलदार नवीन की टीम ने जांच शुरू की।
ऐसे चलता था लाखों रुपये निकालने का धंधा
पुलिस टीम ने ठगी की रकम की मनी ट्रेल का भी विश्लेषण किया गया। पता चला कि कथित लाभार्थी खाता किसी दीपक मुंडा के नाम पर खोला गया था। इस बैंक खाते से रकम धरबाद, झारखंड में निकाली जा रही है। इसके बाद इंस्पेक्टर अजय दलाल की टीम ने झारखंड में दबिश देकर आरोपी बुबे रविदास पुत्र मनोज रविदास को पकड़ लिया गया। बुबे रविदास ने बताया कि धनबाद, झारखंड निवासी धर्मा नाम के व्यक्ति के साथ काम करता है। वह उसे बैंक खाते और बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर के सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।
बुबे उन खातों से अलग-अलग जगहों से पैसे निकालता था। उन्होंने आगे खुलासा किया कि धर्मा खुद को बैंक मैनेजर बताकर पीड़ितो को फोन करता था और उनके बैंक खाते से केवाईसी अपडेट के बहाने पीड़ितों से बैंक खाते की जानकारी और अन्य विवरण लिया करता था। आरोपी सिर्फ नौवीं कक्षा पास है।