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जेएनयू बचाओ अभियान में अन्य विश्वविद्यालयों से मांगा समर्थन
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जेएनयू बचाओ अभियान में अन्य विश्वविद्यालयों से मांगा समर्थन
- छात्रसंघ ने भूख हड़ताल के छठे दिन लिखा खुला पत्र
- कहा, सोमवार को कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा का कैंपस में करें विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में 2019 सत्र के लिए सोमवार से शुरू होने वाली कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा से दाखिले के विरोध में छात्रसंघ ने अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के नाम खुला पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। छात्रसंघ ने सोमवार को देश के सभी विश्वविद्यालयों के कैंपस में जेएनयू बचाओ अभियान के तहत कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा से दाखिले का विरोध करने के लिए अभियान में शामिल होने का आग्रह किया है।
जेएनयू कैंपस में कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा का विरोध छठे दिन भी जारी रहा। विश्वविद्यालय प्रबंधन के न झुकने के चलते अब छात्रसंघ ने अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ को अपनी मांग में साथ देने की अपील की है। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी जेएनयू में दाखिले की चाह रखने वाले छात्रों और अभिभावकों से भी विरोध में शामिल होने का आग्रह किया है। छात्रसंघ की मांग है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा की बजाय पुराने ढंग से प्रवेश परीक्षा आयोजित करे। छात्रसंघ का कहना है कि छह दिन से 11 छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन प्रबंधन बात तक करने को तैयार नहीं है।
भूख हड़ताल में जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष सारिका चौधरी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गीता कुमारी, पूर्व छात्रसंघ संयुक्त सचिव शुभांशु सिंह, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के संयोजक आशी घोष, स्कूल ऑफ सोशल साइंस की संयोजक कृति राय, सीएसआरडी से एमफिल प्रथम वर्ष के छात्र अखिलेश कुमार व पीएचडी के पहले वर्ष के छात्र मयूर कुमार, बीए स्पेनिश के तीसरे वर्ष की छात्रा वात्या रैना, लेबर स्टडीज से एमए दूसरे वर्ष के छात्र सूर्या प्रकाश समेत अन्य शामिल हैं। लगातार भूख हड़ताल में शामिल होने के चलते इनमें से आधे छात्रों की तबीयत खराब हो गई है।
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- छात्रसंघ ने भूख हड़ताल के छठे दिन लिखा खुला पत्र
- कहा, सोमवार को कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा का कैंपस में करें विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में 2019 सत्र के लिए सोमवार से शुरू होने वाली कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा से दाखिले के विरोध में छात्रसंघ ने अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के नाम खुला पत्र लिखकर सहयोग मांगा है। छात्रसंघ ने सोमवार को देश के सभी विश्वविद्यालयों के कैंपस में जेएनयू बचाओ अभियान के तहत कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा से दाखिले का विरोध करने के लिए अभियान में शामिल होने का आग्रह किया है।
जेएनयू कैंपस में कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा का विरोध छठे दिन भी जारी रहा। विश्वविद्यालय प्रबंधन के न झुकने के चलते अब छात्रसंघ ने अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रसंघ को अपनी मांग में साथ देने की अपील की है। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी जेएनयू में दाखिले की चाह रखने वाले छात्रों और अभिभावकों से भी विरोध में शामिल होने का आग्रह किया है। छात्रसंघ की मांग है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा की बजाय पुराने ढंग से प्रवेश परीक्षा आयोजित करे। छात्रसंघ का कहना है कि छह दिन से 11 छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन प्रबंधन बात तक करने को तैयार नहीं है।
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भूख हड़ताल में जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष सारिका चौधरी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गीता कुमारी, पूर्व छात्रसंघ संयुक्त सचिव शुभांशु सिंह, स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के संयोजक आशी घोष, स्कूल ऑफ सोशल साइंस की संयोजक कृति राय, सीएसआरडी से एमफिल प्रथम वर्ष के छात्र अखिलेश कुमार व पीएचडी के पहले वर्ष के छात्र मयूर कुमार, बीए स्पेनिश के तीसरे वर्ष की छात्रा वात्या रैना, लेबर स्टडीज से एमए दूसरे वर्ष के छात्र सूर्या प्रकाश समेत अन्य शामिल हैं। लगातार भूख हड़ताल में शामिल होने के चलते इनमें से आधे छात्रों की तबीयत खराब हो गई है।
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