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सुविधा: एम्स की स्मार्ट लैब में रोजाना 50 हजार सैंपल की हो रही जांच, 24 घंटे के भीतर आ रही रिपोर्ट
Tue, 21 Sep 2021 02:37 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 21 Sep 2021 02:37 AM IST
सार
लैब की खासियत बताते हुए डॉक्टर तुषार सहगल ने कहा कि स्मार्ट लैब के बाद गलती की संभावना कम हो गई है। एक सैंपल से ही सारी जांच की जा रही है। अगर किसी जांच की रिपोर्ट पर डॉक्टर को संदेह है या डॉक्टर फिर से जांच कराना चाहता है तो उसी सैंपल से जांच की जा सकती है।
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- फोटो : file photo
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विस्तार
एम्स में बनाई गई स्मार्ट लैब से कई हजार मरीजों को लाभ मिल रहा है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद अब मरीज को हर तरह की रक्तजांच के लिए सिर्फ एक बार सैंपल देना पड़ रहा है। इससे पहले 4 से 6 अलग-अलग जगह पर सैंपल देने पड़ते थे। लैब में रोजाना 50 हजार सैंपल की जांच हो रही है। सोमवार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इस लैब का दौरा किया।
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इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि स्मार्ट लैब शुरू होने के बाद से लैब में प्रतिदिन चार गुना तक मरीजों के सैंपल की जांच कर रहा है। एम्स के लेब्रोटरी विभाग के डॉक्टर श्याम प्रकाश ने बताया कि स्मार्ट लैब में प्रतिदिन चार हजार से लेकर 4500 मरीजों के सैंपल की जांच कर रहा है। स्मार्ट लैब से पहले एम्स के लैब मेडिसिन में प्रतिदिन लगभग 1500 मरीजों की जांच करता था। इस लैब में हर रोज औसतन चार हजार मरीजों के कुल 50 हजार सैंपल की जांच की जा रही है।
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लैब की खासियत बताते हुए डॉक्टर तुषार सहगल ने कहा कि स्मार्ट लैब के बाद गलती की संभावना कम हो गई है। एक सैंपल से ही सारी जांच की जा रही है। अगर किसी जांच की रिपोर्ट पर डॉक्टर को संदेह है या डॉक्टर फिर से जांच कराना चाहता है तो उसी सैंपल से जांच की जा सकती है। सैंपल तीन दिनों के लिए रखा जाता है, एक बटन दबाते ही सैंपल फिर से जांच के लिए अपने आप ट्रैक पर आ जाता है और जांच की जाती है। लेकिन तीन दिन के बाद सैंपल अपने आप खत्म हो जाता है, इसके बाद मरीज को फिर से नया सैंपल देना पड़ता है। कुल मिलाकर एम्स का यह स्मार्ट लैब, मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।
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एक ही सैम्पल से 25 तरह की जांच हो रही
इस लेब में एक ही सैंपल से 25 प्रकार के टेस्ट हो जाते हैं। इनमें हार्मोन प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल की तमाम जांचें भी शामिल हैं।नए स्मार्ट लैब शुरू होने के बाद जांच सैम्पल देने के बाद डॉक्टर को शाम तक ही मरीज की रिपोर्ट मिल जाती है। इससे पहले डॉक्टर तक रिपोर्ट पहुंचने में एक दिन से अधिक का समय लगता है।