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पूर्वी निगम पर 50 लाख का जुर्माना
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नई दिल्ली। गाजीपुर लैंडफिल साइट पर लगी आग को लेकर दिल्ली सरकार ने पूर्वी निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही घटना के समय मौजूद कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने आग लगने के कारणों को लेकर रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें निगम की लापरवाही बताई गई है।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि साइट पर बायो माइनिंग की प्रक्रिया चल रही है, जिससे इस तरह की आग लगने की संभावना कम हो सके, लेकिन साइट पर 25 के बजाय केवल 21 ट्रोमेल मशीन ही काम करती पाई गईं। साथ ही एंटी स्मॉग गन भी काम नहीं कर रही थी। लैंडफिल साइट की निगरानी के लिए लगाए गए 24 सीसीटीवी कैमरों में से सिर्फ 17 काम करते पाए गए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने निर्देश दिया था कि लैंडफिल साइट के चारों तरफ बाउंड्री की जाए, लेकिन अभी तक बाउंड्री का काम पूरा नहीं हुआ। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि डीपीसीसी की रिपोर्ट के आधार पर जो उल्लंघन देखा गया, उसके आधार पर अभी दो निर्देश डीपीसीसी को जारी किए हैं। पहला निगम के ऊपर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया गया है व दूसरा निर्देश इस दौरान जो कर्मचारी और अधिकारी ड्यूटी पर थे, उनकी लापरवाही को देखते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया गया है। इस संबंध में डीपीसीसी की तरफ से निगम को निर्देश दिया जा रहा है, जिससे कि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।
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दिल्ली सचिवालय में 4 अप्रैल को होगी बैठक
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली सचिवालय में पर्यावरण विभाग, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, डीडीए, एमसीडी, फायर, एनडीएमसी सहित अन्य विभागों की संयुक्त बैठक 4 अप्रैल को बुलाई गई है, जिससे इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति की अध्यक्ष आतिशी ने कहा कि दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति ने पूर्वी निगम आयुक्त को यह पूछने के लिए तलब किया है कि गाजीपुर लैंडफिल साइट को साफ करने और आग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
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पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि साइट पर बायो माइनिंग की प्रक्रिया चल रही है, जिससे इस तरह की आग लगने की संभावना कम हो सके, लेकिन साइट पर 25 के बजाय केवल 21 ट्रोमेल मशीन ही काम करती पाई गईं। साथ ही एंटी स्मॉग गन भी काम नहीं कर रही थी। लैंडफिल साइट की निगरानी के लिए लगाए गए 24 सीसीटीवी कैमरों में से सिर्फ 17 काम करते पाए गए।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने निर्देश दिया था कि लैंडफिल साइट के चारों तरफ बाउंड्री की जाए, लेकिन अभी तक बाउंड्री का काम पूरा नहीं हुआ। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि डीपीसीसी की रिपोर्ट के आधार पर जो उल्लंघन देखा गया, उसके आधार पर अभी दो निर्देश डीपीसीसी को जारी किए हैं। पहला निगम के ऊपर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया गया है व दूसरा निर्देश इस दौरान जो कर्मचारी और अधिकारी ड्यूटी पर थे, उनकी लापरवाही को देखते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया गया है। इस संबंध में डीपीसीसी की तरफ से निगम को निर्देश दिया जा रहा है, जिससे कि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।
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दिल्ली सचिवालय में 4 अप्रैल को होगी बैठक
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि दिल्ली सचिवालय में पर्यावरण विभाग, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, डीडीए, एमसीडी, फायर, एनडीएमसी सहित अन्य विभागों की संयुक्त बैठक 4 अप्रैल को बुलाई गई है, जिससे इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति की अध्यक्ष आतिशी ने कहा कि दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति ने पूर्वी निगम आयुक्त को यह पूछने के लिए तलब किया है कि गाजीपुर लैंडफिल साइट को साफ करने और आग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।