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प्रदेश भाजपा ने भी घेरा कहा, यदि संकल्प पास नहीं तो सरकार स्वयं गिरी-मुख्यमंत्री दे त्यागपत्र
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विधानसभा संकल्प मामला
भाजपा ने पूछा, संकल्प से मुकरने
के लिए राहुल से क्या डील हुई
कहा, संकल्प पास नहीं तो सरकार स्वयं गिरी, सीएम दें त्यागपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने संकल्प मुद्दे पर दिल्ली सरकार से पूछा कि इससे मुकरने के लिए क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ कोई डील हुई है? प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि विधानसभा में संकल्प पारित हुआ तो ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि इसे आप नकार रही है। तिवारी ने कहा कि यदि संकल्प पास नहीं हुआ तो 66 सदस्यों वाली सरकार स्वयं ही गिर जाती है। अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नैतिकता के नाते त्यागपत्र दे देना चाहिए।
मनोज तिवारी ने कहा कि इस प्रस्ताव पर असमंजस की स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि न आप से कोई चूक हुई है और न ही उसका कोई ऐसा इरादा था। बल्कि यह इस पार्टी का असली चरित्र दर्शाता है। यदि आप कह रहे हैं कि यह प्रस्ताव सदन में पारित नहीं हुआ है तो क्या नैतिकता के आधार पर अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देंगे या अनैतिक शासक बनने रहेंगे। यह एक नाटकीय राजनीति का ऐसा उदाहरण है, जिसमें जनता के पैसों से खिलवाड़ कर विधानसभा सत्र का मखौल बनाया जा रहा है।
दूसरी तरफ, दिल्ली भाजपा के महामंत्री राजेश भाटिया, भाजपा प्रवक्ता अश्वनी उपाध्याय, मीडिया प्रभारी प्रत्यूष कंठ, सहप्रभारी नीलकांत बक्शी और मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा ने भी आप को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को मिले भारत रत्न अवार्ड को वापस लेने के लिए संकल्प पास किया गया। सोशल मीडिया पर पूरी कार्यवाही को सभी ने देखा है, लेकिन अब इसे झुठलाया जा रहा है। इससे आप ने सदन की गरिमा को गिराया है। यदि संकल्प पास नहीं हुआ मान भी लिया जाए तो संकल्प गिरने पर सरकार को त्यागपत्र दे देना चाहिए। आप का रवैया लोकसभा चुनावों में मात्र गठबंधन के लिए कांग्रेस को ब्लैकमेल करना है। मुख्यमंत्री को तुरंत त्यागपत्र देकर नए सिरे से चुनाव कराने चाहिए।
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भाजपा ने पूछा, संकल्प से मुकरने
के लिए राहुल से क्या डील हुई
कहा, संकल्प पास नहीं तो सरकार स्वयं गिरी, सीएम दें त्यागपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने संकल्प मुद्दे पर दिल्ली सरकार से पूछा कि इससे मुकरने के लिए क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ कोई डील हुई है? प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि विधानसभा में संकल्प पारित हुआ तो ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि इसे आप नकार रही है। तिवारी ने कहा कि यदि संकल्प पास नहीं हुआ तो 66 सदस्यों वाली सरकार स्वयं ही गिर जाती है। अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नैतिकता के नाते त्यागपत्र दे देना चाहिए।
मनोज तिवारी ने कहा कि इस प्रस्ताव पर असमंजस की स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि न आप से कोई चूक हुई है और न ही उसका कोई ऐसा इरादा था। बल्कि यह इस पार्टी का असली चरित्र दर्शाता है। यदि आप कह रहे हैं कि यह प्रस्ताव सदन में पारित नहीं हुआ है तो क्या नैतिकता के आधार पर अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देंगे या अनैतिक शासक बनने रहेंगे। यह एक नाटकीय राजनीति का ऐसा उदाहरण है, जिसमें जनता के पैसों से खिलवाड़ कर विधानसभा सत्र का मखौल बनाया जा रहा है।
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दूसरी तरफ, दिल्ली भाजपा के महामंत्री राजेश भाटिया, भाजपा प्रवक्ता अश्वनी उपाध्याय, मीडिया प्रभारी प्रत्यूष कंठ, सहप्रभारी नीलकांत बक्शी और मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा ने भी आप को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को मिले भारत रत्न अवार्ड को वापस लेने के लिए संकल्प पास किया गया। सोशल मीडिया पर पूरी कार्यवाही को सभी ने देखा है, लेकिन अब इसे झुठलाया जा रहा है। इससे आप ने सदन की गरिमा को गिराया है। यदि संकल्प पास नहीं हुआ मान भी लिया जाए तो संकल्प गिरने पर सरकार को त्यागपत्र दे देना चाहिए। आप का रवैया लोकसभा चुनावों में मात्र गठबंधन के लिए कांग्रेस को ब्लैकमेल करना है। मुख्यमंत्री को तुरंत त्यागपत्र देकर नए सिरे से चुनाव कराने चाहिए।
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