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आरोपी समुदाय के लोगों को किराए पर मकान किराए पर नहीं दिया जाएगा
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आरोपी के समुदाय के लोगों को किराये पर नहीं देंगे मकान
नई दिल्ली। मोतीनगर के बसई दारापुर में हुई हत्या के विरोध बृहस्पतिवार को महापंचायत का आयोजन हुआ। बसई दारापुर स्थित धर्मशाला में आयोजित महापंचायत में दिल्ली के अलावा गाजियाबाद व मेरठ से बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। परिवार के लोग इसे श्रद्धांजलि सभा तक सीमित रखना चाहते थे, जबकि बाहर से आए लोगों ने आरोपी के समुदाय के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग करने लगे। इसको लेकर वहां जोरदार हंगामा शुरू हो गया और लोग दो खेमों में बंट गए। हंगामा देखते ही पुलिस के आला अधिकारी वहां पहुंचे और किसी तरह लोगों को शांत कराया। महापंचायत में हंगामा बढ़ता देख पीड़ित परिवार के सदस्य भी वहां से अपने घर चले गए।
महापंचायत के बाद हुई श्रद्धांजलि सभा में तय हुआ कि आरोपी समुदाय के लोगों को किराये पर मकान नहीं दिया जाएगा।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित समाज के लोगों की ओर से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि दिल्ली के किसी भी गांव में आरोपी समुदाय के लोगों को कोई भी व्यक्ति अपना मकान किराये पर नहीं देगा और जिसने भी अपने यहां उस समुदाय के लोगों को किराये पर घर दे रखा है उसे 15 दिनों के भीतर घर खाली कराएंगे।
महापंचायत में उपस्थित लोगों ने दिल्ली सरकार से पीड़ित परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी देने और आर्थिक मदद देने की मांग को की। महापंचायत में उपस्थित लोगों में मेरठ के किठौर से विधायक सतवीर त्यागी, अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि समाज के पूर्व अध्यक्ष अनिल त्यागी, दिल्ली त्यागी समाज के महासचिव अमरीश त्यागी, गाजियाबाद की डॉ. उदिता त्यागी और बसई दारापुर के दुष्यंत त्यागी सहित अन्य लोग शामिल हुए।
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आर्थिक मदद की बात सुनते ही भड़के लोग
महापंचायत में श्रद्धांजलि दे रहे लोगों ने जब पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद करने की बात कही तो कुछ लोग भड़क गए और बदले की कार्रवाई करने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसमें ज्यादातर युवा थे और वह आरोपी समाज से बदला लेने की बात कह रहे थे। जबकि गणमान्य लोग उन्हें शांत करवा रहे थे। उत्तेजित लोगों का कहना था कि महापंचायत में फैसला लेने के लिए आए हैं न कि मृतक के परिवार को आर्थिक मदद देने की बात करने या फिर आरोपी के परिवार को फांसी देने की मांग करने के लिए।
उत्तेजित लोगों ने फन सिनेमा लाल बत्ती पर लगाया जाम
धर्मशाला से निकलने के बाद उत्तेजित लोगों ने मोतीनगर के फन सिनेमा स्थित लाल बत्ती पर पहुंचकर जाम लगा दिया और वहां नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। उत्तेजित लोग आरोप लगा रहे थे कि एक समुदाय के लोगों की हत्या होने पर उसे मॉब लिंचिंग का नाम दिया जाता है लेकिन जब दूसरे समुदाय के लोगों की हत्या पर सब चुप्पी साध लेते हैं। उत्तेजित लोग लगातार नारेबाजी कर बदला लेने की बात कह रहे थे।
दूसरे समुदाय युवक से की मारपीट
फन सिनेमा लाल बत्ती पर हंगामा कर रहे लोगों के बीच दूसरे समुदाय का एक युवक वहां पहुंचा। गुस्साए लोगों ने युवक से मारपीट भी की। पुलिस ने लाठी भांजकर किसी तरह पीड़ित को बचाया। उसके बाद पुलिस ने लोगों को वहां से हटने की चेतावनी दी। जिसके बाद कुछ लोग वहां से चले गए। लेकिन कुछ लोग फिर भी वहां डटे रहे जिसे पुलिसवालों ने सड़क पर डंडा पटककर वहां से भगा दिया।
एक व्यक्ति के अपराध की सजा पूरे समुदाय को देना सही नहीं
मृतक के बड़े भाई ने घटना की भर्त्सना करते हुए परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौैकरी देने की मांग की है। परिवार के लोगों से समाज के लोगों को धन्यवाद किया लेकिन उन्होंने साफ कहा कि एक व्यक्ति के अपराध की सजा उसके पूरे समुदाय को देना सही नहीं है।
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नई दिल्ली। मोतीनगर के बसई दारापुर में हुई हत्या के विरोध बृहस्पतिवार को महापंचायत का आयोजन हुआ। बसई दारापुर स्थित धर्मशाला में आयोजित महापंचायत में दिल्ली के अलावा गाजियाबाद व मेरठ से बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। परिवार के लोग इसे श्रद्धांजलि सभा तक सीमित रखना चाहते थे, जबकि बाहर से आए लोगों ने आरोपी के समुदाय के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग करने लगे। इसको लेकर वहां जोरदार हंगामा शुरू हो गया और लोग दो खेमों में बंट गए। हंगामा देखते ही पुलिस के आला अधिकारी वहां पहुंचे और किसी तरह लोगों को शांत कराया। महापंचायत में हंगामा बढ़ता देख पीड़ित परिवार के सदस्य भी वहां से अपने घर चले गए।
महापंचायत के बाद हुई श्रद्धांजलि सभा में तय हुआ कि आरोपी समुदाय के लोगों को किराये पर मकान नहीं दिया जाएगा।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित समाज के लोगों की ओर से पारित प्रस्ताव में कहा गया कि दिल्ली के किसी भी गांव में आरोपी समुदाय के लोगों को कोई भी व्यक्ति अपना मकान किराये पर नहीं देगा और जिसने भी अपने यहां उस समुदाय के लोगों को किराये पर घर दे रखा है उसे 15 दिनों के भीतर घर खाली कराएंगे।
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महापंचायत में उपस्थित लोगों ने दिल्ली सरकार से पीड़ित परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी देने और आर्थिक मदद देने की मांग को की। महापंचायत में उपस्थित लोगों में मेरठ के किठौर से विधायक सतवीर त्यागी, अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि समाज के पूर्व अध्यक्ष अनिल त्यागी, दिल्ली त्यागी समाज के महासचिव अमरीश त्यागी, गाजियाबाद की डॉ. उदिता त्यागी और बसई दारापुर के दुष्यंत त्यागी सहित अन्य लोग शामिल हुए।
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आर्थिक मदद की बात सुनते ही भड़के लोग
महापंचायत में श्रद्धांजलि दे रहे लोगों ने जब पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद करने की बात कही तो कुछ लोग भड़क गए और बदले की कार्रवाई करने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इसमें ज्यादातर युवा थे और वह आरोपी समाज से बदला लेने की बात कह रहे थे। जबकि गणमान्य लोग उन्हें शांत करवा रहे थे। उत्तेजित लोगों का कहना था कि महापंचायत में फैसला लेने के लिए आए हैं न कि मृतक के परिवार को आर्थिक मदद देने की बात करने या फिर आरोपी के परिवार को फांसी देने की मांग करने के लिए।
उत्तेजित लोगों ने फन सिनेमा लाल बत्ती पर लगाया जाम
धर्मशाला से निकलने के बाद उत्तेजित लोगों ने मोतीनगर के फन सिनेमा स्थित लाल बत्ती पर पहुंचकर जाम लगा दिया और वहां नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। उत्तेजित लोग आरोप लगा रहे थे कि एक समुदाय के लोगों की हत्या होने पर उसे मॉब लिंचिंग का नाम दिया जाता है लेकिन जब दूसरे समुदाय के लोगों की हत्या पर सब चुप्पी साध लेते हैं। उत्तेजित लोग लगातार नारेबाजी कर बदला लेने की बात कह रहे थे।
दूसरे समुदाय युवक से की मारपीट
फन सिनेमा लाल बत्ती पर हंगामा कर रहे लोगों के बीच दूसरे समुदाय का एक युवक वहां पहुंचा। गुस्साए लोगों ने युवक से मारपीट भी की। पुलिस ने लाठी भांजकर किसी तरह पीड़ित को बचाया। उसके बाद पुलिस ने लोगों को वहां से हटने की चेतावनी दी। जिसके बाद कुछ लोग वहां से चले गए। लेकिन कुछ लोग फिर भी वहां डटे रहे जिसे पुलिसवालों ने सड़क पर डंडा पटककर वहां से भगा दिया।
एक व्यक्ति के अपराध की सजा पूरे समुदाय को देना सही नहीं
मृतक के बड़े भाई ने घटना की भर्त्सना करते हुए परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौैकरी देने की मांग की है। परिवार के लोगों से समाज के लोगों को धन्यवाद किया लेकिन उन्होंने साफ कहा कि एक व्यक्ति के अपराध की सजा उसके पूरे समुदाय को देना सही नहीं है।