फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   100 crores cheated by 100 people in the name of rice puller

राइस पुलर के नाम पर 100 लोगों से 10 करोड़ की ठगी

Fri, 19 Mar 2021 01:40 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 19 Mar 2021 01:40 AM IST
विज्ञापन
100 crores cheated by 100 people in the name of rice puller
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने चावल चिपकाने वाली धातु राइस पुलर के नाम पर ठगी करने वाले 73 वर्षीय बुजुर्ग समेत तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। ये राइस पुलर में लोगों को निवेश कराते थे और उनसे कहते थे कि नासा, डीआरडीओ व इसरो उसे तीन गुना ज्यादा दामों पर खरीदते हैं। आरोपी राइस पुलर को बेचने और उनका परीक्षण कराने के नाम पर ठगी करते थे। कहा जाता था कि राइस पुलर को नासा व इसरो आदि ने प्रमाणित किया है। आरोपी 100 से ज्यादा लोगों से 10 करोड़ से ज्यादा ठग चुके हैं। हालांकि, अपराध शाखा के पास अभी एक ही पीड़ित है। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों को सीज करा दिया है, जिनमें छह लाख से ज्यादा रुपये हैं।
विज्ञापन

अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिबेश सिंह के अनुसार, आदर्श नगर निवासी संजय गुप्ता ने शिकायत की थी कि रेडियोधर्मी नामक दुर्लभ धातु राइस पुलर को बेचने व उसके परीक्षण के नाम पर उससे मुन्नालाल व उसके साथियों ने 11 लाख रुपये ठग लिए हैं। आरोपियों ने कहा था कि ये धातु दुर्लभ है और नासा व इसरो द्वारा प्रमाणित है। ये अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में बिकती है। मामला दर्ज कर साबइर सेल एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर राजीव कुमार की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने कोलकाता व फरीदाबाद में दबिश देकर कोलकाता निवासी हरेंद्र कुमार उर्फ राजकुमार साईगल (36), पश्चिम बंगाल के 24 परगना निवासी ठाकुरदास मंडल (53) और वार्ड नंबर-9, नांगला एंक्लेव एनआईटी फरीदाबा (हरियाणा) निवासी मुन्नालाल (73) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप, पांच मोबाइल, छह सिमकार्ड, 14 डेबिट कार्ड, एक पेन ड्राइव, 22 हजार करोड़ जमा कराने का आरबीआई द्वारा जारी फर्जी सर्टिफिकेट, यूनाइटेड नेशन एंटी टेररिस्ट विभाग की ओर से जारी फर्जी सर्टिफिकेट समेत नासा आदि की ओर से जारी फर्जी सर्टिफिकेट बरामद किए गए हैं। पुलिस ने जब कोलकाता में दबिश दी तो बुजुर्ग वहां से फरार होकर फ्लाइट से फरीदाबाद आ गया था। उसे 17 मार्च को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। मुन्नालाल इस गिरोह का सरगना है और 30 साल से ठगी करता है।
विज्ञापन

आरोपी ऐसे करते थे ठगी
आरोपियों ने कोलकाता आधारित एक कंपनी बनाई। इसके बाद इन्होंने मुन्नालाल जैसे दलाल बनाए। इन दलालों का काम ऐसे लोगों की तलाश कर उन्हें लालच देना होता था कि प्राचीन दुर्लभ कीमती राइस पुलर को खरीदें। आरोपी व्यक्ति विशेष रूप से उनके द्वारा तैयार किए गए वीडियो को राइस पुलर के कुछ प्रयोगों और विशिष्ट पात्रों को दिखाते थे। आरोपियों का ये तर्क होता था कि राइस पुलर एक दुर्लभ धातु है, जो बांग्लादेश से तस्करी कर लाई गई। इसमें विशेष तत्व है, जिसका उपयोग नासा, डीआरडीओ व इसरो द्वारा उपग्रहों को हजार करोड़ रुपये के अंतरिक्ष में भेजने में किया जाता है। ये पीड़ितों से कहते थे कि इस सामग्री का वैज्ञानिक टेस्ट करेंगे। टेस्ट के लिए अंतरिक्ष में पहनने वाली जैकेट आएगी। ये पीड़ितों से जैकेट व टेस्ट के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते थे। बताया जाता था कि जब नासा व इसरो आदि एजेंसियां उनसे राइस पुलर खरीदेंगी तो उन्हें तीन गुना यानी हजारों करोड़ों में फायदा होगा। ये टेस्ट करने के नाम पर ही ठगी करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है राइस पुलर
राइस यानी चावल, पुलर यानी चावल को खींचने वाला। राइस पुलर कोई सिक्का भी हो सकता है। बर्तन भी हो सकता है या फिर किसी प्रकार की धातु भी हो सकती है। गिरफ्तार किए गए आरोपी चुंबक को चावल के पास ले जाते थे, जिससे चावल चुंबक से चिपक जाते। क्योंकि, आरोपी पहले ही चावल में कोई धातु मिला देते थे, जो चुंबक से चिपक जाती थी। ये पीड़ित को दिखाते थे कि यह चमत्कारी धातु है। कहते थे कि ये धातु दुर्लभ है और नासा व इसरो इसका स्पेस में इस्तेमाल करते है। एक किलो धातु की कीमत करोड़ों रुपये है। नासा व इसरो ने प्रमाणित किया हुआ है। जब नासा व इसरो उनसे इस धातु को खरीदेगा तो उनको कई हजार करोड़ का फायदा होगा। ये धातु को परीक्षण कराने के नाम पर पीड़ित से ठगी करते थे। रुपये लेकर ये गायब हो जाते थे।
लाखों में बेचते थे 1200 रुपयों की जैकेट
पीड़ितों से कहा जाता था कि धातु के परीक्षण के लिए जैकेट मंगानी होगी। इसी से वैज्ञानिक परीक्षण करेगा। जैकेट की कीमत 25 लाख रुपये हैं। इसके बाद आरोपी सदर बाजार से 1200 रुपयों में जैकेट खरीद लेते थे। रुपये मिलने के बाद भाग जाते थे।

2018 में पिता-पुत्र हुए थे गिरफ्तार
राइस पुलर के नाम ठगी करने का मामला वर्ष 2018 में भी सामने आया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 37500 करोड़ का फायदा दिलाने के नाम पर एक कारोबारी से 1.5 करोड़ ठगने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बताया कि राइस पुलर की एक किलो की प्लेट को नासा 37500 करोड़ रुपये में खरीदती है। तब उन्होंने पीड़ित से कहा था कि ये खास रेडियोएक्टिव तांबे से बनी प्लेट है और बिजली गिरने के चलते उसमें ऐसा गुण आ गया है कि वह चावल को अपनी ओर खींच लेती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed