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Tablighi Jamaat: जमातियों ने क्वारंटीन केंद्र में डॉक्टरों और स्टाफ पर थूका, एक ने की जान देने की कोशिश
Thu, 02 Apr 2020 12:02 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 02 Apr 2020 12:02 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दक्षिण पूर्वी दिल्ली में क्वारंटीन किए गए 160 से अधिक जमातियों द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों से अभद्र व्यवहार व डॉक्टरों पर थूकने का मामला सामने आया है। इन जमातियों को रेलवे की ओर से मुहैया करवाए गए स्थान पर क्वारंटीन किया गया है। इसकी पुष्टि उत्तर रेलवे के प्रवक्ता ने की है। अब प्रशासन दोषियों कार्रवाई करने की सोच रहा है।
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निजामुद्दीन स्थित मरकज से मंगलवार शाम को निकाल कर 167 जमातियों को तुगलकाबाद स्थित क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। इन्हें यहां रखने पर तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी निवासी अपने परिवारों की सलामती तथा संक्रमण फैलने को लेकर अपनी आशंका जाहिर कर चुके हैं। रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने कहा कि जमाती स्वास्थ्य कर्मियों से दुर्व्यवहार कर रहे हैं और वह यहां-वहां घूमते रहते हैं। एक व्यक्ति ने तो खुदकुशी की भी कोशिश की।
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मरकज में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से अनेक को कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और कुछ की मौत हो चुकी है। रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि क्वारंटीन केंद्रों में उन्होंने (निजामुद्दीन मरकज से निकालकर लाए गए लोगों ने) स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किया और खुद को दिए जा रहे भोजन को लेकर आपत्ति जताई...यहां तक कि उन्होंने उन्हें देख रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर थूक तक दिया। इन लोगों ने क्वारंटीन केंद्रों में इधर-उधर घूमना बंद करने से भी मना कर दिया।
प्रवक्ता ने बताया कि हमने जिलाधिकारी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली को सूचना दी और जमातियों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सुरक्षा करने या इन्हें किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर भेजने का आग्रह किया। शाम साढ़े पांच बजे दिल्ली पुलिस के चार और सीआरपीएफ के छह जवानों और एक पीसीआर वैन को क्वारंटीन केंद्रों पर तैनात किया गया। जिला अधिकारियों ने इन लोगों में से 97 को डीजल शेड ट्रेनिंग स्कूल हॉस्टल क्वारंटीन और 70 को आरपीएफ बैरक क्वारंटीन केंद्र में रखा गया है।
रेलवे कॉलोनी के लोगों ने आरोप लगाया कि मरकज से वहां लोगों को लाए जाने के 24 घंटे बाद भी कॉलोनी को संक्रमण मुक्त नहीं किया गया है। वायरस के प्रसार के डर से निवासी घरों के अंदर रहे और आवश्यक चीजें लेने भी बाहर नहीं जा पाए।
कॉलोनी के एक निवासी ने कहा कि बस के पास खड़े बहुत से लोगों ने खांसा, छींक मारी और यहां तक कि सड़क पर थूका भी। हम कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं? सूत्रों ने बताया कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मुद्दे पर पहले ही जिले के अधिकारियों से बात कर चुके हैं।