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अष्टांग योग जीवन के लिए संजीवनी बूटी
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माई सिटी रिपोर्टर
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गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद द्वारा "अष्टांग योग" पर आर्य गोष्ठी का आनलाइन आयोजन किया गया। केंद्रीय आर्य युवक परिषद के प्रधान शिक्षक योगाचार्य सौरभ गुप्ता ने कहा कि योग विद्या में अष्टांग योग का उद्देश्य जीवन को संवारना और समृद्ध करना है। अष्टांग योग का अभ्यास सम्पूर्ण विश्व को सदाचारी बनने की अहम संजीवनी बूटी है। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि सांसारिक कार्यों की सफलता,उचित तथा नियमित दिनचर्या पर निर्भर है एवं प्रत्येक योगभूमि का सेवन करने के लिए यम और नियम का आचरण करना अत्यावश्यक हैं। योगदर्शन और शास्त्रों में इनका विवरण किया भी है। कार्यक्रम अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि मनुष्य के परिमार्जन के लिए अष्टांग योग जैसे दिव्य नियम दिए गये हैं। हमें संस्कृति का पालन कर अपने जीवन का अंग बनाना चाहिए। इस अवसर पर महेन्द्र भाई,प्रेम सचदेवा,राजेश मेंहदीरत्ता,धर्मपाल आर्य,राम कुमार सिंह,आनन्द प्रकाश आर्य,डॉ रचना चावला, सूर्यदेव आर्य, योगाचार्य मनोज आर्य, अरुण आर्य, मनीषा आर्या,प्रगति,शिवम मिश्रा,पिन्टू आर्य आदि उपस्थित थे।