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बूंदाबादी के बाद फिर बदला मौसम का मिजाज

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jan 2021 04:58 PM IST
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बूंदाबादी के बाद फिर बदला मौसम का मिजाज
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- अगले तीन दिन तक बारिश की संभावना माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। बूंदाबादी होने के बाद एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल गया है। कभी धूप खिलती है तो कभी तापमान लुढ़क जाता है। तड़के बूंदाबांदी होने के बाद सर्दी बढ़ गई है। हालांकि बूंदाबादी के बाद कोहरे में कमी आई। शुक्रवार को घना कोहरा होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई थी। तापमान में इजाफा हुआ है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन बादल होने से तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी होने के साथ ही 12 डिग्री पर पहुंच गया। दिन भर सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। शाम होने के बाद सर्दी के कारण ठिठुरन बढ़ गई। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले कुछ दिन मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक डा. एसबी सिकेेरा का कहना है कि अभी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से अगले तीन दिन तक बूंदाबादी हो सकती है। मौसम की इस अठखेलियों के कारण सांस के मरीजों के अलावा बुजुर्गों और बच्चों को सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। क्योंकि सर्दी और कोहरे में सांस के मरीजों को तकलीफ बढ़ती है, तो सर्दी से बचाव में लापरवाही बरतने पर बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा भी रहता है। इस समय सबसे ज्यादा उन लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है जो कोरोना संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और सांस लेने में परेशानी हो रही है।
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वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अरविंद डोगरा का कहना है कि इस मौसम में सभी लोगों को सावधानी बरतने की जरूर है, लेकिन पोस्ट कोविड मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की अपश्यकता है।  डा. डोगरा का कहना है कि सुबह और शाम की सर्दी से सांस के मरीजों को बचना जरूरी होता है। क्योंकि सर्दी और कोहरे में सांस की नली में सिकुड़न आ जाती है, जिससे सांस लेने में परेशानी महसूस होती है।
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इस बदलाव पर दें गंभीरता से ध्यान - सांस के मरीजों को सुबह शाम कोहरे से बचना चाहिए। - अगर बाहर निकलना आवश्यक है तो मास्क लगाकर जाना चाहिए। - इनहेलर और सांस के कैप्सूल लगातार डाक्टर की सलाह से लेना चाहिए। - तीन से चार बार भाप लेनी चाहिए। - सर्दियों में बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़े अच्छी तरह पहन लेने चाहिए। - लगातार गले में खिच-खिच की आवाज रहना और खांसी के साथ सांस फूलना - सीढ़ियां चढ़ते समय या मेहनत का कार्य करते समय सांस का फूलना - हाथ पैर की अंगुलियों या जीभ नीली हो जाना - सांस के साथ एक से 10 तक की गिनती लगातार न बोल पाना। ----- -- इस सप्ताह तापमान में उतार चढ़ाव दिन - न्यूनतम --- अधिकतम शनिवार ---- 12-----18 - बूंदाबादी रविवार ---- 13-----22 - बूंदाबादी सोमवार ---14-------21 - बूंदाबादी मंगलवार --13-----20 - बूंदाबादी बुधवार ---- 11 -- 21 - बूंदाबादी बृहस्पतिवार--10-----19 शुक्रवार----8------19 शनिवार---7-------18 -------- आशुतोष यादव
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