{"_id":"5fef0a808ebc3e3e731c3b30","slug":"ghaziabad1609501312","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन रूटों पर रोपवे की तीन माह में तैयार होगी डीपीआर","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
तीन रूटों पर रोपवे की तीन माह में तैयार होगी डीपीआर
विज्ञापन
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सबहेडः जीडीए ने सलाहकार फर्म को सौंपा तीनों रूटों पर फिजिबिलिटी तलाशने के साथ डीपीआर तैयार करने का काम
विज्ञापन
- नया बस अड्डा मेट्रो स्टेशन से रेलवे स्टेशन, वैशाली मेट्रो स्टेशन से नोएडा सेक्टर-62 व वैशाली मेट्रो स्टेशन से मोहननगर मेट्रो स्टेशन के बीच रोपवे का निर्माण है प्रस्तावित
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। महानगर में तीन रूटों पर रोपवे चलाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। जीडीए ने तीन रूटों पर फिजिबिलिटी तलाशने के साथ डीपीआर तैयार करने का काम सलाहकार फर्म को सौंप दिया है। एजेंसी तीन माह में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद प्रोजेक्ट की लागत और निर्माण की स्थिति साफ हो सकेगी। मेट्रो प्रोजेक्ट से पहले रोपवे का निर्माण होने से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
जीडीए की ओर से रोपवे के लिए तीन रूटों को फाइनल किया गया है। इनमें नया बस अड्डा मेट्रो स्टेशन से पुराना रेलवे स्टेशन, वैशाली मेट्रो स्टेशन से नोएडा सेक्टर-62 (इलेक्ट्रानिक सिटी) और वैशाली मेट्रो स्टेशन से मोहननगर मेट्रो स्टेशन के बीच रोप-वे निर्माण का प्रस्ताव शामिल है। ऐसे में मेट्रो प्रोजेक्ट से पहले महानगर के तीन मेट्रो स्टेशन रोपवे के जरिए आपस में जुड़ जाएंगे। वहीं रोपवे के जरिए नोएडा सेक्टर-62 तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।
विज्ञापन
गाजियाबाद पुराना रेलवे स्टेशन से शहीद स्थल (नया बस अड्डा) मेट्रो स्टेशन के रोपवे से आपस में जुड़ने से हजारों यात्रियों को बड़ा लाभ होगा। रेलवे स्टेशन से यात्री रोपवे से पहले मेट्रो स्टेशन फिर अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकेंगे। ट्रेन से आने वाले यात्रियों को ऑटो या फिर कैब पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। प्रोजेक्ट से शहर में जाम की समस्या पर भी काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। खासकर जीटी रोड पर लगने वाले भयंकर जाम से लोगों को राहत मिल सकेगी। प्रोजेक्ट के बाबत जीडीए की विभिन्न एजेंसियों से पूर्व में बैठक हो चुकी है। एजेंसी प्रतिनिधियों ने रोपवे के एक रूट पर करीब 70 की लागत आने की संभावना जताई थी। अब एजेंसी की ओर से फिजिबिलिटी रिपोर्ट के साथ डीपीआर तैयार करने से प्रोजेक्ट की कुल लागत पर स्थिति साफ हो सकेगी। जीडीए मुख्य अभियंता विवेकानंद सिंह ने बताया कि रोपवे प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए एजेंसी को तीन महीने का वक्त दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति साफ हो सकेगी।
-----------------
दूसरे चरण में अन्य रूट किए जाएंगे शामिलः
जीडीए की ओर से पहले चरण में रोपवे प्रोजेक्ट में तीन रूटों पर काम किया जा रहा है। पहले तीन प्रोजेक्टों की फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर दूसरे चरण में अन्य रूटों को भी शामिल किया जा सकता है। पहले चरण की सफलता के बाद ही दूसरे चरण में अन्य रूटों को शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
----------------
विज्ञापन
विज्ञापन