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चुनाव की तर्ज पर होगा सर्विलांस टीमों का गठन
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चुनाव की तर्ज पर होगा सर्विलांस टीमों का गठन
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- अब केंद्रित सर्विलांस और संवेदीकरण पर दिया जाएगा जोर
- पूर्व में गाजियाबाद में लागू की गई सेक्टर स्कीम का शासन ने लिया संज्ञान
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। दिल्ली में कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद गाजियाबाद में भी संक्रमण बढ़ने लगा है। संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आलोक कुमार ने डीएम एवं सीएमओ को पत्र भेजकर केंद्रित सर्विलांस और संवेदीकरण पर जोर देने के निर्देश दिए हैं। इसके हाई रस्कि वाले क्षेत्रों की पहचान करके सर्विलांस और संवेदीकरण की गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी को सर्विलांस और संवेदीकरण के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सर्विलांस और संवेदीकरण के लिए जिलाधिकारी चुनाव की तर्ज पर टीमों का गठन करेंगे। जिलाधिकारी डा. अजय शंकर पांडेय ने दिल्ली से सटे क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर चुनाव की तर्ज पर सेक्टर स्कीम लागू की थी। वैशाली, खोड़ा और लोनी क्षेत्र में सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इस स्कीम के अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं।
प्रमुख सचिव ने पत्र में कहा है कि जुलाई से अब तक प्रदेश में सर्विलांस और संवेदीकरण के कार्य में लगाई गईं एएनएम और आशा कार्यकर्ता गतिविधियों के आठ चरण पूरे कर चुकी हैं। वर्तमान में एएनएम और आशा कार्यकर्ता अपनी नियमित गतिविधियां, गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी अन्य गतिविधियां शुरू कर चुकी हैं। दूसरी ओर शासन ने सर्विलांस और संवेदीकरण गतिविधियों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में केंद्रित करने का निर्णय लिया है। क्लस्टर के 100 आवासों में सर्विलांस और संवेदीकरण होगा
क्लस्टर 50 मीटर की परिधि वाले उस क्षेत्र को कहा जाएगा, जिसमें अलग-अलग आवासों में तीन से ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आए हों। नई गाइड लाइन के मुताबिक एक क्लस्टर में आने वाले कम से कम 100 आवासों का भ्रमण कर सर्विलांस और संवेदीकरण किया जाएगा। एकल केस होने की स्थिति में कम से कम 50 आवासों में सर्विलांस और संवेदीकरण की गतिविधियां की जाएंगी। सर्विलांस में टीमें घर-घर जाकर लक्षणों के बारे में जानकारी जुटाना, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सैंपलिंग एवं संवेदीकरण के दौरान कोविड लक्षणों के बारे में अवगत कराते हुए जरूरी सावधानियां बरतने के लिए प्रोत्साहित करेंगी। इसके अलावा क्लस्टर एरिया में जहां जन समुदाय का ज्यादा आना जाना होता है, जैसे दूध की दुकान, राशन की दुकान इत्यादि पर सर्विलांस कार्य को अंजाम दिया जाएगा और लक्षण पाए जाने पर सैंपलिंग कराई जाएगी। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार की आबादी वाले गांव में 24 घंटे में दो से ज्यादा केस सामने आने पर सर्विलांस और संवेदीकरण किया जाएगा।
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ऐसे होगा टीमों का गठन
सर्विलांस और संवेदीकरण हेतु टीमों का गठन जिलाधिकारी चुनाव की भांति प्रत्येक नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र हेतु कर्मचारी चिन्हित करने के बाद प्रशिक्षण कराकर गतिविधियों को संपादित कराएंगे। जिलाधिकारी आवश्यकतानुसार अन्य विभागों से भी कर्मचारियों को टीमों में शामिल कर सकेंगे। शहरी क्षेत्रों के लिए गठित टीमों में स्वास्थ्य विभाग का एक और जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए दो कर्मचारी शामिल होंगे, इन दो कर्मचारियों में से एक स्थानीय निकाय से होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व की भांति आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम निगरानी समिति के सदस्यों की टीम सर्विलांस और संवेदीकरण करेगी।
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आशुतोष यादव
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