फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   'पुलिस का वक्त बेहद कीमती है, इसे अनावश्यक बर्बाद न करें'

'पुलिस का वक्त बेहद कीमती है, इसे अनावश्यक बर्बाद न करें'

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 07 Nov 2020 05:02 PM IST
विज्ञापन
फोटो सहित............
विज्ञापन
- कैंडल मार्च के बीच कारोबारी को घर छोड़ पुलिस ने लोगों को दिया संदेश - खुद कारोबारी बोले- मैं शर्मिंदा हूं, कोई भी व्यक्ति इस तरह की गलती न दोहराए माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। पुलिस का वक्त बड़ा कीमती है। एक तरफ क्राइम कंट्रोल तो दूसरी तरफ संगीन अपराधों को खोलने की चुनौती पुलिस पर है। आम जनता पुलिस के लिए कोई ऐसी परेशानी पैदा न करे, जिससे पुलिस का वक्त बर्बाद हो। यह कहना है कारोबारी पराग घोष का, जो बिना बताए घर से चले गए और 11 दिन तक उनकी बरामदगी पुलिस के सिरदर्द बनी रही। कोलकाता से गाजियाबाद पहुंचने पर कैंडल मार्च के बीच कारोबारी को घर छोड़कर पुलिस ने भी लोगों को यही संदेश दिया कि पुलिस का सहयोग करें, न कि उसके आगे परेशानी पैदा करें।.............. कोलकाता के होटल से बरामद होने के बाद पुलिस टीम शुक्रवार रात फ्लाइट के जरिये कारोबारी पराग घोष को लेकर गाजियाबाद पहुंची। बरामदगी के लिए 11 दिनों के भीतर किए गए प्रयासों को पुलिस ने गिनाया तो खुद कारोबारी ने भी खेद जताया। उन्होंने कहा कि वह शर्मिंदा हैं। वह बिना बताए घर से चले गए। जिस कारण उनके परिवार और पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस का जो समय-संसाधन अन्य कार्यों में लग सकता था और जिससे लोगों का भला हो सकता था, वह पुलिस को उनके ऊपर नष्ट करना पड़ा। उन्हें इस बात का बहुत दुख है। वह समाज के लोगों से अपील करते हैं कि कोई इस प्रकार का काम न करें जिससे पुलिस या उनके परिवार को परेशानी का सामना करना पड़े।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर छाया पुलिस का कैंडल मार्च................ पुलिस-प्रशासन या सिस्टम के खिलाफ लोगों का कैंडल मार्च तो खूब सुना और देखा गया होगा, लेकिन शुक्रवार रात गाजियाबाद के लोगों ने पहली बार पुलिस का कैंडल मार्च देखा तो वह चौंक गए। दरअसल, कारोबारी पराग घोष के गाजियाबाद पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें कैंडल मार्च के बीच घर पहुंचाया। इस दौरान महिला पुलिसकर्मी हाथों में मोमबत्तियां लेकर उनके आगे-पीछे चल रही थीं। पुलिस के कैंडल मार्च का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो चर्चा में आ गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की चुनौतीपूर्ण नौकरी में वक्त की खासी अहमियत है। ऐसे में कोई ऐसा कदम न उठाएं, जिससे पुलिस का वक्त अनावश्यक बर्बाद हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह था मामला............... राजनगर एक्सटेंशन की पॉम कोर्ट सोसायटी में रहने वाले ग्रॉसरी कारोबारी पराग घोष गत 27 अक्टूबर को कार समेत लापता हो गए थे। सॉफ्टवेयर इंजीनियर पत्नी ऋचा घोष ने अपहरण का अंदेशा जताते हुए सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 10 दिनों तक पुलिस की कई टीमों ने तीन राज्यों में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले और 500 मोबाइल नंबरों की सीडीआर का परीक्षण किया। इसके बाद उनके बारे में सुराग मिला। 11वें दिन शुक्रवार सुबह पुलिस ने कारोबारी पराग घोष को कोलकाता के होटल से सकुशल बरामद कर लिया। कारोबारी की बरामदगी को रेजीडेंट्स आंदोलन पर उतर आए थे, जिसके चलते पुलिस 11 दिन तक अनवरत बरामदगी में जुटी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed