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सोसायटी में लगी थी भीड़, कलेजे के टुकड़े की लाश देख निकली चीख
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गाजियाबाद। यूं तो बेटे तेजस का जन्मदिन जनवरी में था, लेकिन इकलौते बेटे की खुशी को लेकर नवनीत चरण और कोमिला बेहद उत्साहित थे। पत्नी को लेकर नवनीत चरण जब सोसाइटी में पहुंचे तो वहां भीड़ लगी हुई थी। उन्होंने सोचा कि शायद कोई मामला हो गया है। अपने फ्लैट की तरफ जाने से पहले वह भीड़ के बीच गए तो पैरों तले जमीन खिसक गई। जमीन पर उनका इकलौता बेटा लहूलुहान पड़ा हुआ था। फिर क्या था चीख-पुकार और रुदन शुरू हो गया। बच्चे को आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।................
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रोते बिलखते माता-पिता ने अंदेशा जताया कि शायद उनका बेटा स्कूल के ऊपर चढ़कर उन्हें तलाश रहा था। उसे खतरे का जरा भी आभास नहीं था। मम्मी पापा शायद कहीं दिख जाएं, इसी उम्मीद से वह इधर-उधर देख रहा होगा। इसी दौरान स्टूल चलने या संतुलन बिगड़ने से उनका बेटा 14वीं मंजिल से गिरकर हादसे का शिकार हो गया। इकलौते बेटे की मौत के बाद मां कोमिला रोते-बिलखते हुए बार-बार बेसुध हो रही थी। बार-बार कह रही थी कि वह उसके बिना कैसे जिएगी। सोसायटी में रहने वाले रेजिडेंट्स बिलखते मां-बाप को ढांढस बंधा रहे थे।
पुलिस ने गाली सीसीटीवी फुटेज............
मासूम तेजस की मौत के बाद तरह तरह की शंकाएं लोगों के दिमाग में पैदा हो रही थीं। सूचना मिलने पर पुलिस में भी हड़कंप मच गया। मासूम तेजस किसी आपराधिक घटना का शिकार तो नहीं हुआ, इसकी पड़ताल के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले, लेकिन ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। पुलिस का दावा है कि तेजस हादसे का शिकार हुआ है। सीसीटीवी कैमरे में ऐसी कोई गतिविधि कैद नहीं हुई, जिससे किसी आपराधिक घटना की तरफ इशारा हो सके।
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एक हादसे ने चकनाचूर कर दिए सपने.........
नवनीत चरण और उनकी पत्नी अपने इकलौते बेटे के साथ बेहद खुश थे। बेटे को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाना है, यही उनकी तमन्ना थी। लेकिन शनिवार को हुए हादसे ने उनके सारे सपनों को चकनाचूर कर दिया। रह-रहकर बेबस माता पिता अपने इकलौते बेटे की एक्टिविटी और शरारतों को याद कर रहे थे। कोमिला बार-बार कह रही थीं कि ड्यूटी से लौटने के बाद उन्हें बेटे की लाश मिलेगी, यह जरा भी अंदेशा नहीं था।
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