फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   संतान की दीर्घायु के लिए माताएं करेंगी अहोई अष्टमी व्रत

संतान की दीर्घायु के लिए माताएं करेंगी अहोई अष्टमी व्रत

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2020 04:26 PM IST
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन
गाजियाबाद। पुत्र की लंबी आयु एवं सुख समृद्धि के लिए आठ नवंबर दिन रविवार को माताएं अहोई अष्टमी का व्रत रखेंगी। यह व्रत निर्जला व्रत की तरह होता है क्योंकि इसमें माताएं फलाहार भी नहीं करती। इस व्रत में शाम को तारा उदय होने के बाद तारे को जल देकर माताएं व्रत खोलती हैं। पंडित शिव कुमार शर्मा ने बताया कि अहोई अष्टमी का पर्व प्रातः रवि पुष्य योग से आरंभ होगा। यह पूरे दिन सौम्य योग के साथ मनाया जाएगा। रविवार को सूर्यास्त शाम को 5:28 बजे होगा और उसके आधे घंटे बाद आकाश में तारे दिखने आरंभ हो जाएंगे, उनका दर्शन कर माताएं जल का अर्घ्य देती हैं। पूजा का समय 6:46 बजे तक रहेगा।
विज्ञापन
ये है पूजा का विधान :— शाम के समय दीवारों पर गेरू व खड़िया से अहोई माता का चित्र बनाती हैं या बने बनाएं चित्र की विधि-विधान से पूजा करती हैं। सिंघाड़ा,मूली अथवा कोई फल रखकर पूजा की जाती है। घर की बड़ी महिलाएं अहोई अष्टमी की कथा सुनाती हैं। इसके बाद घर में बने पकवान को किसी बुजुर्ग महिला या ब्राहमण को दान किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed