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6 दिन में चार बंदर पकड़े फिर वापस नहीं लौटी निगम की टीम
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6 दिन में चार बंदर पकड़े फिर वापस नहीं लौटी निगम की टीम
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- एक माह बाद भी अब तक टीएचए में बंदर पकड़ने नहीं लौटी नगर निगम की टीम
- टीएचए में बंदरों के आतंक से परेशान लोग लगातार कर रहे शिकायत
- शिप्रा सनसिटी सोसायटी में ही अभियान चलाकर लौटी टीम
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। शहर में लोग जहां हर दिन बंदरों के आतंक से परेशान हैं वहीं करीब एक माह पूर्व नगर निगम की ओर से बंदर पकड़ने का अभियान शुरू किया गया था। हालांकि यह अभियान शिप्रा सनसिटी से शुरू होकर यहीं खत्म हो गई और शहर में लोग बंदरों से अभी भी परेशान हैं। छह दिन चले अभियान में नगर निगम की टीम चार बंदरों को ही पकड़ सकी उसके बाद लौट गई। अब टीएचए की अन्य सोसायटियां बंदरों को पकड़े जाने वाली टीम का इंतजार कर रही है।
बता दें कि शहर के अलग-अलग सोसायटी व इलाकों में बंदरों का आतंक लगतार बढ़ता ही जा रहा है। वहीं नगर निगम की टीम शहर से लापता है। लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम द्वारा दो हजार बंदरों को पकड़े जाने का टेंडर जारी किया गया था। इसके तहत करीब एक माह पूर्व शिप्रा सनसिटी फेज-1 से बंदरों को पकड़े जाने का अभियान की शुरुआत भी की थी। जिसके तहत छह दिन तक टीम लगातार सोसायटी के अलग-अलग कोनों में दबिश देती रही बावजूद इसके बंदरों के झुंड से महज चार बंदर को ही पकड़ सकी थी। इसके बाद यह टीम वापस गाजियाबाद लौट गई। वहीं टीएचए की शिखर एंक्लेव, आस्था कुंज, वसुंधरा सेक्टर-4, वैशाली सेक्टर-6, शालीमार गार्डन में लगातार बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है। लोग लगातार अपनी शिकायतें नगर निगम से कर रहे हैं लेकिन अधिकारियों का कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा। वार्ड 100 के पार्षद संजय सिंह का कहना है कि नगर निगम की टीम का लक्ष्य पूरे गाजियाबाद से दो हजार बंदरों को पकड़े जाने का था। ऐसे में शिप्रा सनसिटी से शुरुआत हुई इसके बाद गाजियाबाद के जिन क्षेत्रों में बंदरों का आतंक अधिक है, उस इलाके में बंदरों को पकड़े जाने का काम चल रहा है। अभियान के हिस्सा रहे संजय सिंह का कहना है कि किस सोसायटी में बंदर पकड़े जाएंगे इसका निर्धारण डीएम दफ्तर से हो रहा है, ऐसे में लोगों को अपनी शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचानी होगी।
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