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अब मैग्नेटिक किट से होगी कोरोना की जांच
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माई सिटी रिपोर्टर
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गाजियाबाद: अब आरटीपीसीआर लैब में मैग्नेटिक किट से कोरोना की जांच शुरू होगी। लैब के स्टाफ का कहना है कि मैग्नेटिक किट से जांच शुरू होने में समय अधिक लगेगा, इसलिए जांच की रफ्तार भी धीमी हो जाएगी। स्टाफ का कहना है कि नई किट न केवल परीक्षण करने की प्रक्रिया को धीमा करेगी, बल्कि अस्पताल को स्थानीय स्तर पर दो अतिरिक्त चीजों को खरीदने की दिक्कत भी होगी। जिला अस्पताल में जांच के लिए आई ट्रूनॉट मशीन भी पिछले 12 दिनों से बंद पड़ी है।
जिला एमएमजी अस्पताल में 15 अगस्त से शुरू हुए लैब में पुरानी कुलमेंटिव किट से जांच की जा रही थी। अब जल्द ही मैग्नेटिक किट से जांच शुरू होगी। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने नोएडा के गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से मैग्नेटिव स्टेट मंगाया है। जबकि ड्राई वाटर वार के लिए एक फर्म से बात की जा रही है। लैब स्टाफ का कहना है कि इस किट के साथ एक और बड़ी कमी है, क्योंकि इससे मैन्युअल काम बढ़ जाता है। इससे लैब में सैंपलों की जांच बढ़ाने की कवायद भी धीमी हो सकती है। अभी सिर्फ एमएमजी अस्पताल से लिए गए सैंपल की ही जांच की जा रही है। जबकि कवायद यह की जा रही थी कि जिले के भी सैंपलों की जांच की जाएगी।
अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रदेश के सभी सात लैब के लिए शासन द्वारा किट भेजी जाती है। इसमें स्थानीय स्तर पर कोई भूमिका नहीं होती है। लैब में उन किटों का प्रयोग किया जाता है जो शासन से भेजी जाती हैं। सभी लैब के लिए स्वचालित आरएनए एक्स फैक्टर्स की खरीद के लिए एक योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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