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दो इंजीनियरिंग कॉलेज बंद, विद्यार्थी गाजियाबाद-एनसीआर के कॉलेजों में होंगे समायोजित
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एकेटीयू
- फोटो : Amar Ujala
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सबहेडः केएनजीडी मोदी इंजीनियरिंग कॉलेज व ऋषि चड्डा विश्वास गर्ल्स इंस्टीट्यूट स्थायी रूप से होंगे बंद, विद्यार्थियों को गाजियाबाद-एनसीआर की कॉलेजों में किया जाएगा समायोजित
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- नियमानुसार जिन कॉलेजों में सीटें हैं खाली, कॉलेजों को 24 सितंबर तक करना होगा आवेदन
- गाजियाबाद के साथ गौतमबुद्धनगर, हापुड़, मेरठ के कॉलेजों में ले सकेंगे ट्रांसफर
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। तकनीकी पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों का घटता रुझान इंजीनियरिंग कॉलेज बंद होने के रूप में सामने आ रहा है। महानगर के दो प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेजों ने स्थाई रूप से कॉलेज बंद करने का आवेदन एकेटीयू में किया है। कॉलेज बंद होने की प्रक्रिया के तहत अब विश्वविद्यालय ने दोनों कॉलेजों मैं पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अन्य कॉलेजों में समायोजित (ट्रांसफर) करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
महानगर में बंद होने वाले दो कॉलेजों में केएनजीडी मोदी इंजीनियरिंग कॉलेज, मोदीनगर और ऋषि चड्डा विश्वास गर्ल्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इन कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गाजियाबाद के साथ गौतमबुद्धनगर, मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को अन्य कॉलेजों में ट्रांसफर करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी। विद्यार्थियों को उन्हीं कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा, जहां ब्रांच के अनुसार पहले से सीटें रिक्त थीं।
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ऐसे में विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपने यहां खाली सीटों का ब्यौरा देने के निर्देश दिए हैं। एकेटीयू ने इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए एक प्रारूप जारी किया है। जहां उन्हें विभिन्न ब्रांच के अनुसार खाली सीटों का ब्यौरा विश्वविद्यालय को 24 सितंबर शाम 5 बजे तक उपलब्ध कराना होगा। इसके बाद ही अन्य कॉलेज बंद होने वाले दोनों कॉलेजों के विद्यार्थियों को दाखिला दे सकेंगे।विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ. आर के सिंह ने साफ किया है कि संस्थानों को खाली सीटों के बाबत शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसमें संस्थान को शुल्क निर्धारण समिति उत्तर प्रदेश द्वारा निर्धारित शुल्क में से न्यूनतम शुल्क का भुगतान विद्यार्थियों से लेना होगा।
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