फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   कृषि विधेयक-मंडी शुल्क के विरोध में किसानों कारोबारियों का प्रदर्शन

कृषि विधेयक-मंडी शुल्क के विरोध में किसानों कारोबारियों का प्रदर्शन

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2020 12:03 AM IST
विज्ञापन
बुलंदशहर। जनपद में सोमवार का दिन कृषि विधेयक और मंडी शुल्क के विरोध के नाम रहा। इसके विरोध स्वरूप विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार पर हल्ला बोल करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। नई मंडी स्थित कार्यालय पर व्यापारियों ने हाथ मे कटोरा लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। भाकियू ने कालाआम चौराहे पर जाम लगाया तो तो सपा ने मंडी में और कांग्रेस, सपा और आम आदमी पार्टी ने कलक्ट्रेट पर हल्ला बोलकर विरोध जताया।
विज्ञापन
गल्ला मंडी व्यापारियों ने नई मंडी में तो विभिन्न राजनैतिक दलों ने कलक्ट्रेट गेट पर जमकर हंगामा किया। इसके विरोध में जनपद की इक्का-दुक्का मंडियों को छोड़कर सभी बंद रही। इससे करोड़ों रूपये के कारोबार प्रभावित रहा। नई मंडी में व्यापारियों ने अर्दनग्न होकर हाथों मे कटोरा लेकर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष मुकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने गल्ला व्यापारियों के हाथों में कटोरा ही थमा दिया है। इस विधेयक के कारण प्रदेश में मंडी के अंदर कारोबार करने वाले व्यापारियों से ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क लिया जाएगा। इससे मंडी से जुड़े कई तबकों में बेरोजगारी बढ़ जाएगी। इस मौके पर महामंत्री चंद्रकांत सिंघल, राहुल सिंह, संजय सिघल आदि उपस्थित रहे। समाजवादी पार्टी के एक गुट ने नई मंडी में विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूर्व जिलाध्यक्ष हामिद अली ने कहा कि देश में पहले से ही बेरोजगारी है। अब सरकार ने कृषि विधेयक बिल पास कर किसान को मरने के लिए मजबूर कर दिया है। पार्टी नेता हाजी अख्तर, रविंद्र लोधी, मोरध्वज लोधी, वासिद खान, फइम हसन, हाजी लियाकत आदि उपस्थित रहे। कालाआम चौराहे पर भारतीय किसान यूनियन ने जाम लगाया। जिसको लेकर पुलिस प्रशासनिक अफसरो ंको काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद सभी कलक्ट्रेट पहुंचे और गेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नरेंद्र उर्फ गुड्डू प्रधान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए विधेयक का किसान विरोध कर रहे हैं। सरकार द्वारा इस अध्यादेश को एक देश में एक बड़ा कृषि सुधार बता रहे है। वहीं, भाकियू इसे कृषि क्षेत्र में कंपनी राज के रूप में देख रही है। इस अवसर पर चौधरी अरविंद सिंह, बाबा गंगा प्रसाद, राखी शर्मा, रोहताश सिंह, वेदपाल सिंह, बिशन सिंह, केपी सिंह, मदनपाल सिहं आदि उपस्थित रहे। वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी कालाआम चौराहे और कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष विकास शर्मा ने कहा कि भारत की संसद में असंवैधानिक तरीके से पारित हुआ एग्रीकल्चर ऑर्डिनेंस से जय जवान जय किसान का नारा लगाने वाले देश में किसानो ंकी बदहाली हो जाएगी। भाजपा को किसानों की कोई चिंता नहीं है। किसान विरोधी काला कानून उसका जीता जागता उदाहरण है। पार्टी में किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सूर्य प्रताप सिंह आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पौरूष शर्मा ने कृषि विधेयक को काला कानून बताते हुए इसे किसान हित में नहीं बताया। शहर अध्यक्ष हुसैन अली और प्रदेश सचिव मुस्तफा मोहम्मद खान ने कहा कि यदि सरकार ने इस विधेयक को वापस नहीं लिया तो कांग्रेस जेल भरो आंदोलन करेगी। इस दौरान पूर्व विधायक सुभाष गाध्ंाी, पूर्व शहर अध्यक्ष मुनीर अकबर, प्रशांत बाल्मीकि, सुशील चौधरी, राकेश भाटी, मनीष चतुर्वेदी, आरिफ कुरैशी और आस मोहम्मद कुरैशी आदि पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed