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नहीं हो पा रही है समुचित कांटैक्ट ट्रेसिंग

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 07:45 PM IST
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गाजियाबाद।
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जिले में बढ़ते संक्रमण के बीच सही तरीके से कांटेक्ट ट्रेसिंग न हो पाना भी बड़ा कारण है। शासन स्तर से प्रति मरीज कम से कम 10  कांटैक्ट खोजने के निर्देश हैं, लेकिन जिले में यह औसत 8.17 है। वहीं पड़ोसी जिले गौतमबुद्धनगर में यह औसत 12 से 14 और मेरठ में 11 से 13 के बीच है। अधिकारियों का कहना है कि कांटैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में 12 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और उनके 98085 उनके कांटैक्ट तलाश किए गए हैं। ऐसे मामलों में पॉजिटिव मरीज के परिजनों, पड़ोसियों के साथ मोबाइल से मिले कुछ संपर्कों को लिस्टेड करके ट्रेसिंग का कार्य पूरा कर लिया जाता है। कांटैक्ट ट्रेसिंग के लिए पहले सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा था, वह भी अब केवल नाम मात्र के लिए है। मई-जून तक जिले में कांटैक्ट ट्रे्सिंग प्रति मरीज 4 से 6 के बीच थी, जिसे शासन के निर्देश के बाद बढ़ाया गया। अगस्त में बढ़कर दस हो गई थी। सितंबर में यह घटकर 8 पर पहुंच गई है।जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय का कहना है कि कंट्रोल रूम में 42 कर्मचारी लगाए गए हैं। अब तक 4351 टीम द्वारा 2820486 भवनों का सर्वे किया जा चुका है। इसमें 11820003 सर्विलांस पर लिए गए। इसमें 14466 लोगों की जांच की गई इसमें से 1544 लोग संक्रमित पाए गए। डीएम ने बताया कि 376 गर्भवती महिलाओं की निगरानी की गई, इसमें 179 की कोरोना जांच की गई, इसमें एक भी संक्रमित नहीं पाई गई।
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