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दोपहिया वाहन चोरी कर फर्जी आरसी बनाकर ऑनलाइन बेचने वाले तीन दबोचे

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2020 05:20 PM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
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साहिबाबाद। इंदिरापुरम पुलिस ने एनसीआर में दोपहिया वाहन चोरी कर फर्जी आरसी बनाकर ऑनलाइन बेचने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने कविनगर थाना क्षेत्र से चोरी की गई एक बाइक फर्जी आरसी, फर्जी आईडी, एक मोबाइल बरामद किया है। आरोपियों से बरामद बाइक गाजियाबाद नंबर की थी। जबकि की फर्जी आरसी बनाकर उसपर गौतमबुद्धनगर की मोहर लगी हुई थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के सरगना फर्जी आरसी तैयार करने वाले की तलाश पुलिस कर रही है। सीओ इंदिरापुरम अंशु जैन ने बताया कि एसएचओ इंदिरापुरम संजीव शर्मा बुधवार रात करीब साढे दस बजे वैशाली सेक्टर 5 और छह की पुलिया के पास टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक स्पलैंडर बाइक पर तीन लोग आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोककर वाहन के पेपर दिखाने को कहा तो उन्होंने आरसी दिखाई। पुलिस ने जांच की तो बाइक का नंबर गाजियाबाद का था और उसपर मोहर गौतमबुद्धनगर की लगाकर अधिकारी के साइन किए हुए थे। पुलिस तीनों को पकड़कर थाने ले आई। सीओ ने बताया कि पकड़े गए आरोपी आरिफ निवासी अयोध्या गंज के पीछे थाना दादरी गौतमबुद्ध नगर, इमरान निवासी नई आबादी गली नंबर 3 दादरी गौतमबुद्धनगर और अर्जुन निवासी जाटव मोहल्ला थाना दादरी गौतमबुद्ध नगर हैं। आरोपियों के पास से कविनगर से चोरी की गई बाइक, फर्जी आरसी, फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह एनसीआर समेत कई स्थानों पर रेकी कर दोपहिया वाहन चोरी करते हैं। कविनगर थाना क्षेत्र से एक और कार चोरी करने की बात कबूल की है। बुधवार रात को वह चोरी की गई बाइक को बेचने के लिए ही जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस आरोपियों से बेचे गए वाहनों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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ऐसे करते हैं वारदात पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सदस्य एनसीआर क्षेत्र में रेकी कर दोपहिया वाहन की तलाश करते हैं। इसके बाद मौका देखते ही उसका लॉक तोड़कर चोरी कर ले जाते हैं। चोरी किए गए दोपहिया वाहन को पार्किंग में खड़ा कर देते हैं। इसके बाद उसके फर्जी दस्तावेज तैैयार कराकर, फर्जी आईडी पर ली गए नंबर से उसे ऑनलाइन शॉपिंग साइट वाहन की पूरी डिटेल साझा करते हैं। देखकर पसंद आने वाला संपर्क करता है। इसके बाद से थमाकर रुपये ले लेते हैं। यह गिरोह पिछले दो वर्षों से यह कार्य कर रहा है।
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फोटोग्राफी की दुुकान की आड में सरगना तैयार करता है फर्जी आरसी पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना आजाद निवासी दादरी की फोटोग्राफी की दुकान है। इसके चलते वह सभी काम जानता है। इसकी आड़ में वह चोरी किए गए वाहनों की फर्जी आरसी और आईडी तैयार करता है। उसके पास कई जगह की मोहर, प्रिंटर, कागज समेत अन्य सामान है। जिससे वह फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। इसके बाद यह सभी ऑनलाइन साइट पर वाहन बेचने का विज्ञापन डालते हैं। एसएचओ इंदिरापुरम संजीव शर्मा ने बताया कि सरगना की तलाश की जा रही है। उसके पकड़े जाने पर ही पूरे मामले की जानकारी हो सकेगी।
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