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1987 में पैतृक संपत्ति का हो चुका है बंटवारा, आरोप निराधार

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 09:05 PM IST
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1987 में पैतृक संपत्ति का हो चुका है बंटवारा, आरोप निराधार
स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग - फोटो : Amar Ujala
सबहेड- अशोक नगर निवासी चचेरे भाई ने राज्यमंत्री अतुल गर्ग पर लगाया था संपत्ति कब जाने का आरोप, आलोक गर्ग ने राज्यमंत्री व खुद पर लगाए गए सभी आरोपों को बताया निराधार
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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। अशोक नगर स्थित कृष्णा अपार्टमेंट निवासी श्याम गर्ग की ओर से राज्यमंत्री अतुल गर्ग व परिवार के अन्य सदस्यों पर पैतृक संपत्ति कब्जाने के आरोपों को आलोक गर्ग ने निराधार बताया है। आरोपों को निराधार बताते हुए आलोक गर्ग ने कहा कि संयुक्त परिवार की समस्त पैतृक संपत्ति का बंटवारा लाला राम किशन दास से सभी पुत्रों के मध्य 1987 को आपसी सहमति से हो चुका है। जिसमें किसी चाचा, ताऊ का हमारे परिवार की संपत्ति से कुछ लेना-देना नहीं रहा है।
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उन्होंने कहा कि उस समय परिवार के मुखिया व हमारे सबसे बड़े ताऊ स्वर्गीय दिनेश चंद्र गर्ग व हमारे पिताजी स्वर्गीय नरेश चंद्र गर्ग जीवित थे। उनके पश्चात 1989 में हमारे पिताजी के स्वर्गवास के उपरांत हमारे चारों भाई एक साथ रह रहे थे। लेकिन गंदी आदतों व शराब के अत्यधिक सेवन के कारण श्याम गर्ग से निरंतर विवाद को देखते हुए परिवार के मुखिया दिनेश चंद्र उपस्थिति में श्याम गर्ग का 2001 में बंटवारा करके परिवार की पुश्तैनी कपड़े की दुकान हिस्से में दे दी गई। गलत आदतों के चलते उन्होंने दुकान बर्बाद कर बेच खाई। साथ ही बाहरी व्यापारी, दुकानदारों व रिश्तेदारों से काफी पैसा उधार लेकर वापस नहीं किया।
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उन्होंने कहा कि श्याम गर्ग द्वारा निरंतर धमकी देकर मारने व आत्महत्या की धमकी देकर पैसे की नाजायज मांग चलती रही। सगा छोटा भाई समझकर लगातार मदद कर रहे हैं। पूरे प्रकरण में मेरे चचेरे भाई अतुल गर्ग व उनके परिवार के अन्य किसी सदस्य का कोई लेना देना नहीं है। 30 जुलाई 2020 को श्याम गर्ग द्वारा उन्हें आत्महत्या की धमकी देकर नाजायज रूप से ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। इस मामले में एसएसपी व एसपी सिटी से मिलकर 18 अगस्त 2020 को थाना कविनगर में एफआईआर दर्ज करा दी गई। पूरे प्रकरण में मेरे चचेरे भाई अतुल गर्ग का कोई लेना देना नहीं है। श्याम गर्ग ब्लैकमेल करने और परिवार को बदनाम करने के उद्देश्य से अवैध व नाजायज़ आरोप परिवार पर लगा रहा है।
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