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मनरेगा में धांधली पर बीडीओ, सचिव और प्रधान समेत 45 को नोटिस
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बुलंदशहर। जनपद में भी मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों में धांधली का भंडाफोड़ होने लगा है। मनरेगा में धांधलेबाजी की शिकायतय मिलने पर मनरेगा लोकपाल ने नौ ब्लॉक के 45 बीडीओ, सचिव और ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। ग्रामीणों द्वारा इनके खिलाफ मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायत की गई हैं। डिबाई ब्लॉक में सबसे ज्यादा धांधली की शिकायतें हुई हैं। नोटिस का निर्धारित समय पर जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। लोकपाल ने इनके खिलाफ शासन को भी पत्र लिख दिया है।
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अधिनियम (मनरेगा) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। जनपद की बात करें तो यहां पर इस समय मनरेगा में 25 हजार से अधिक श्रमिक विभिन्न कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में कर रहे हैं। लॉकडाउन होने के बाद मनरेगा में श्रमिकों की संख्या भी बढ़ी है। लेकिन मनरेगा में धांधलेबाजी की शिकायतें भी लगातार आ रही हैं। मनरेगा लोकपाल अंशु त्यागी को जनपद के ब्लॉक शिकारपुर, डिबाई, खुर्जा, अगौता, अरनिया, जहांगीराबाद, ऊंचागांव, गुलावठी और अनूपशहर के 45 गांवों में धांधली की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। बताया गया कि ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ के माध्यम से मनरेगा में श्रमिकों से अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा कुछ गांवों में काम हुआ ही नहीं और फंड निकाल लिया गया है। वृक्षारोपण में सबसे ज्यादा शिकायतें आई हैं। श्रमिकों को जॉब कार्ड नहीं दिए, जबकि उन्हें मनरेगा में कार्य करना है। ग्राम प्रधानों द्वारा जॉब कार्ड के नाम पर भी तीन-तीन हजार रुपये श्रमिकों से लिए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकपाल ने उक्त ब्लॉकों के 45 बीडीओ, सचिव और ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सबसे ज्यादा हालात खराब डिबाई ब्लॉक में हैं। वहीं, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग एवं नोडल अधिकारी मनरेगा सर्वेश चंद्र ने बताया कि मेरे पास अभी तक मनरेगा में धांधली की कोई शिकायत नहीं आई है। नोटिस दिए जाने की भी मुझे जानकारी नहीं है। जनपद में मनरेगा के तहत सबसे ज्यादा कार्य हुए हैं।
सभी के खिलाफ शासन को लिखा पत्र
मनरेगा लोकपाल की ओर जिन ४५ ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ को नोटिस दिए गए हैं। उनके द्वारा अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस पर लोकपाल ने इनके खिलाफ शासन को लिख दिया है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों की शिकायतों पर यह नोटिस दिए गए हैं। नोटिस दिए हुए भी काफी समय बीत गया है। ऐसे में लोकपाल को मजबूरन अब ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ के खिलाफ शासन में लिखना पड़ा है।
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कोट
जनपद के नौ ब्लॉकों में मनरेगा में धांधली की शिकायतें मिली थीं। इन ब्लॉकों के ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उनके द्वारा निर्धारित समय पर कोई जवाब नहीं दिए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को भी पत्र लिख दिया है। - अंशु त्यागी, लोकपाल, मनरेगा
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