आईआईटी में दाखिले की परीक्षा जेईई एडवांस स्क्रैप नहीं होगी। केंद्र सरकार आईआईटी में दाखिले के लिए निजी कोचिंग की बजाय छात्रों को आईआईटी पॉल (फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बॉयोलॉजी व मैथ्मेटिक्स लेक्चर) से मुफ्त में तैयारी करवाएगी। इसके अलावा आईआईटी फैकल्टी स्कूली शिक्षकों और इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों को एडवांस पर आधारित परीक्षा के लिए प्रशिक्षित करेगी। खास बात यह है कि आईआईटी फैकल्टी द्वारा तैयार आईआईटी पॉल की लेक्चर सीरीज स्वयं (स्ट्डी वेब ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पाइरिंग माइंड) प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगी, ताकि कोई भी छात्र या शिक्षक ऑनलाइन सीधे मुफ्त में तैयारी कर सके।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर की अध्यक्षता में सोमवार को आईआईटी काउंसिल बैठक हुई। सरकार जेईई एडवांस परीक्षा को आसान और दाखिला प्रक्रिया (जोशा काउंसलिंग में इंस्टीट्यूट तो अलॉट होता पर ब्रांच नहीं) में बदलाव करना चाहती थी, लेकिन आईआईटी प्रबंधन ने नकार दिया। आईआईटी प्रोफेसर ने आईआईटी पाल योजना के तहत 80 घंटे की फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बॉयोलॉजी व मैथ्मेटिक्स लेक्चर सीरीज तैयार की है। इस सीरीज को अब स्वयं प्लेटफार्म से जोड़ दिया जाएगा। इससे छात्र या शिक्षक सीधे घर बैठे ऑनलाइन तैयारी कर सकेंगे।
प्रति आईआईटी पांच कॉलेजों का मेंटर बनेगा
आईआईटी के प्रोफेसर स्कूलों के दसवीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के शिक्षकों को विशेष रूप से ट्रेनिंग देंगे, ताकि वे स्कूल में ही छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ जेईई एडवांस परीक्षा की तैयारी करवा सकें। इसके अलावा आईआईटी के प्रोफेसर अपने आस-पास के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों को जेईई एडवांस परीक्षा की ट्रेनिंग देंगे, ताकि वे अपने आसपास स्कूलों के शिक्षकों व छात्रों को प्रशिक्षित करें। इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षक जब आईआईटी कैंपस में ट्रेनिंग के लिए आएंगे तो ज्ञान का आदान-प्रदान होगा।
छात्रों को निजी कोचिंग की महंगी फीस से निजात
सभी आईआईटी को अपने आसपास के पांच-पांच इंजीनियरिंग कॉलेज का मेंटर बनना होगा। इस योजना का मकसद उक्त इंजीनियरिंग कॉलेजों की गुणवत्ता में सुधार लाना है।दरअसल उक्त कॉलेजों से बीटेक के बाद छात्र आईआईटी में एमटेक व पीएचडी में दाखिला लेते हैं। इससे इंजीनियरिंग की पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी और छात्रों को रोजगार के मौके उपलब्ध होंगे। मेंटर आईआईटी को अपने इंजीनियरिंग कॉलेजों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ अन्य सुविधाओं को भी बढ़ाना है, ताकि उनकी रेटिंग में सुधार हो।आईआईटी में दाखिले के लिए अब छात्र आईआईटी पाल के माध्यम से मुफ्त में तैयारी कर सकेें। सरकार निजी कोचिंग के नाम पर लाखों रुपये की फीस से निजात दिलाने की तैयारी कर रही है।
आईआईटी शिक्षकों ने आईआईटी पॉल में 6 सौ लेक्चर की सीरीज तैयार कर ली है, जिसे स्वयं से जोड़ दिया जाएगा। यहां मुफ्त में छात्र या शिक्षक तैयारी कर सकते हैं। इससे छात्रों या अभिभावकों को निजी कोचिंग की महंगी फीस से निजात मिलेगी। -प्रकाश जावडेकर, मानव संसाधन विकास मंत्री।