15 मिनट की लड़ाई में गुलदार पर 'भारी' पड़ा वीरपाल
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उत्तराखंड के गोपेश्वर में खेतों में बकरी चरा रहे सेरा मालकोटी के युवक वीरपाल ने गुलदार के साथ करीब 15 मिनट तक जमकर संघर्ष किया। गनीमत यह रही कि हाथ में दरांती होने से वीरपाल जिंदगी की जंग जीत सका, लेकिन गुलदार के हमले में वह बुरी तरह से घायल हो गया।
चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार जंगल की ओर भाग गया। हालांकि गुलदार ने भागते-भागते हमला कर एक के बाद एक चार बकरियों को मार दिया। ग्रामीणों द्वारा घायल अवस्था में वीरपाल को सीएचसी पोखरी में भर्ती करा दिया गया है।
सेरा-मालकोटी गांव के चंद्र सिंह का पुत्र वीरपाल शनिवार की शाम चार बजे गांव के समीप ही खेतों में अपनी बकरियों को चराने के लिए ले गया था। यहां पहले से ही घात लगाकर बैठे गुलदार ने एक बकरी पर हमला कर दिया।
जंगल की ओर भाग गया घायल गुलदार
गुलदार को देखते ही वीरपाल ने दरांती के सहारे उसे भगाना चाहा तो आक्रामक होकर गुलदार ने वीरपाल पर ही हमला कर दिया।
करीब 15 मिनट तक दोनों में संघर्ष होता रहा। इसी बीच कुछ दूरी पर आम रास्ते से गुजरते ग्रामीणों ने वीरपाल के चिल्लाने की आवाज सुनी तो वे मौके पर पहुंचे और हो-हल्ला करने लगे, तब जाकर गुलदार जंगल की ओर भाग गया। इस दौरान गुलदार ने चार बकरियों को भी मार गिराया।
सेरा-मालकोटी के पूर्व प्रधान भरत सिंह का कहना है कि गुलदार ने वीरपाल के चेहरे, जांघ और पीठ को जख्मी कर दिया है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा दिए जाने और गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
पोस्टमार्टम के बाद जलाया गुलदार का शव
सतपुली की गढ़वाल वन प्रभाग की पोखड़ा रेंज में शुक्रवार को मृत पाए गए गुलदार का पोस्टमार्टम कर शव को जला दिया गया है। फॉरेस्टर विलोचन प्रसाद पोखरियाल ने बताया कि सतपुली में गुलदार का पीएम करने के बाद पोखड़ा रेंज परिसर में शव को जला दिया गया।