संतों की चेतावनी, सूर्य नमस्कार के साथ मनाएंगे योग दिवस
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21 जून को होने वाले विश्व योग दिवस पर सूर्य नमस्कार एवं गायत्री मंत्र को हटाने पर हरिद्वार के संतों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
इनका कहना है कि एक विशेष वर्ग की राजनीति करने वाले कुछ लोगों के कहने पर इसे हटाना दुर्भाग्यपूर्ण एवं देशवासियों के साथ खिलवाड़ है। सभी संत योग दिवस सूर्य नमस्कार के साथ मनाएंगे।
मंगलवार को प्रेसवार्ता में निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि कुमार स्वामी ने कहा कि भारत की योग परंपरा का पालन करते ही योग दिवस शुरू किया गया। सूर्य मूल है, सूर्य ब्रह्म है। सूर्य को हटा दिया गया तो सृष्टि ही नष्ट हो जाएगी। सूर्य मानव जीवन की नींव है।
सूर्य नमस्कार के साथ समझौता नहीं करेंगे संत
जब किसी भी धर्मग्रंथों में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकता तो सूर्य नमस्कार के साथ क्यों? उन्होंने गायत्री मंत्र पर कहा कि ओम शीर्ष है। यदि इसे हटा दिया तो देशवासियों की भावना आहत होगी।
महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद ने कहा कि सूर्य नमस्कार के साथ संत समझौता नहीं करेंगे। वह 21 जून को सूर्य नमस्कार के साथ योग कराएंगे। कहा कि सभी धर्म के लोगों को आजादी है कि वह अपनी भाषा में मंत्रों का उच्चाकरण करें। लेकिन विरोध गलत है।
महंत रामानंदपुरी ने कहा कि विश्व योग भारत की देन है और सूर्य नमस्कार पहली सीढ़ी है। वह इसे लागू कराने के लिए विश्व आंदोलन करेंगे। मौके पर महंत ऋषिश्वरानंद, महंत कमलदास, मोहनदास रामायणी, सत्यदेव, दुर्गा वाहिनी की काशी की पूर्व संयोजिका साध्वी विभा आदि उपस्थित रहे।