फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Yamunotri Dham Fees Collected in Name of Cleanliness Yet Route Full with Tons of Garbage

Yamunotri Dham: स्वच्छता के नाम पर शुल्क वसूली, यमुनोत्री मार्ग पर लगा गंदगी का अंबार, हजारों टन कूड़ा जमा

Sun, 03 May 2026 08:55 PM IST
Alka Tyagi विपिन नेगी, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
विपिन नेगी, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 03 May 2026 08:55 PM IST
सार

पालीगाड़ में जिला पंचायत प्रत्येक वाहन से 100 रुपये पर्यावरण शुल्क लेती है। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर मजदूरों व घोड़ा-खच्चर संचालकों से भी स्वच्छता शुल्क लिया जाता है। लेकिन इसकी हकीकत पैदल मार्ग की तस्वीरें बयां कर रही हैं।

विज्ञापन
Yamunotri Dham Fees Collected in Name of Cleanliness Yet Route Full with Tons of Garbage
यमुनोत्री मार्ग पर कूड़ा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर हजारों टन कूड़ा जमा हो गया है। इससे पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यह स्थिति पर्यावरण और यमुना नदी दोनों को दूषित कर रही है। जिला पंचायत कूड़े का निस्तारण करने के बजाय उसे सीधे पहाड़ी की ओर फेंक रही है।

विज्ञापन


स्थानीय लोग भी इसी कारण पहाड़ियों पर ही कूड़ा फेंकने लगे हैं। जानकीचट्टी से यात्रियों की पैदल यात्रा कूड़े से ढके पहाड़ों को देखने के साथ शुरू होती है। शासन-प्रशासन चारधाम यात्रा के दौरान स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे करता है।
विज्ञापन


पालीगाड़ में जिला पंचायत प्रत्येक वाहन से 100 रुपये पर्यावरण शुल्क लेती है। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर मजदूरों व घोड़ा-खच्चर संचालकों से भी स्वच्छता शुल्क लिया जाता है। लेकिन इसकी हकीकत पैदल मार्ग की तस्वीरें बयां कर रही हैं। यात्रा से लौटे यात्री इस स्थिति पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


Kedarnath Dham: मंदिर के चारों ओर सात फीट ऊंचे बैरिकेड्स लगाने की तैयारी, रील वालों पर कसेगा शिकंजा

Trending Videos

कूड़े का निस्तारण और पर्यावरण पर प्रभाव
जिला पंचायत द्वारा कूड़े को सीधे पहाड़ी की ओर फेंकने से गंभीर पर्यावरणीय समस्या उत्पन्न हुई है। इससे हिमालयी क्षेत्र की जैव विविधता प्रदूषित हो रही है। साथ ही पवित्र यमुना नदी भी दूषित हो रही है। देश के विभिन्न कोनों से आने वाले यात्री धाम के दर्शन के साथ पहाड़ के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने आते हैं। उन्हें जानकीचट्टी से ही हजारों टन कूड़े से ढके पहाड़ देखने को मिल रहे हैं। यह स्थिति यात्रियों के अनुभव को खराब कर रही है।

शुल्क लेने के बाद भी प्रशासन की अनदेखी
यात्रियों से स्वच्छता के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है लेकिन सफाई व्यवस्था नदारद है। पालीगाड़ में प्रत्येक वाहन से 100 रुपये का पर्यावरण शुल्क लिया जाता है। पैदल मार्ग पर मजदूरों और घोड़ा-खच्चर संचालकों से भी शुल्क वसूला जाता है। चारधाम यात्रा के लिए नामित अधिकारी निरीक्षण तो करते हैं लेकिन उन्हें यह खुली हकीकत नहीं दिखती। यात्रा पर तैनात जिम्मेदार अधिकारी भी इस गंभीर समस्या पर आंख मूंदे बैठे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed