वर्ल्ड बैंक ने दिया उत्तराखंड को तोहफा
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उत्तराखंड मे जल संरक्षण और स्वच्छता से संबंधी दो अलग-अलग परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक ने लगभग 14.52 करोड़ डॉलर का कर्ज दिए जाने को मंजूरी दी है।
शुक्रवार को यहां वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव निलय मिताश और विश्व बैंक की ओर से कार्यकारी निदेशक माइकल हेनी ने इस आशय के समझौतों को मंजूरी दी।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव एमएच खान और वाटरशेड प्रबंध निदेशालय के प्रमुख परियोजना निदेशक ने भी इस आशय के परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए।
वाटरशेड परियोजना के लिए 12.12 करोड़ डॉलर
इस समझौते के तहत विश्व बैंक उत्तराखंड में विकेंद्रीकृत वाटरशेड विकास परियोजना के लिए 12.12 करोड़ डॉलर का कर्ज देगा।
उत्तराखंड में इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों व स्थानीय लोगों के चयनित माइक्रो वाटरशेड और बारिश के पानी का कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल बढ़ाना है।
इस परियोजना को सितंबर 2021 मे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 2.4 करोड़ डॉलर
इस योजना में सामाजिक भागीदारों और वाटरशेड हिस्सेदारी, वाटरशेड ट्रीटमेंट वर्षा जल से क्षेत्र विकास, रोजगार के अवसरों को बढ़ाना और जानकारी प्रबंधन को बढ़ावा देना शामिल है।
इसी प्रकार एक अन्य समझौते के तहत विश्व बैंक राज्य में ग्रामीण जल आपूर्ति और स्वच्छता परियोजना के लिए 2.4 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी दी है।
इस परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से पेयजल और स्वच्छता विभाग की अपर सचिव सौजन्या ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
प्राथमिकता में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य
इन परियोजनाओं का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य में आपदा से प्रभावित हुए क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त योजनाओं की सेवाओं को बहाल करने और ग्रामीण जल आपूर्ति और स्वच्छता को प्रभावी रूप से उन्नत बनाना है।
इस परियोजना को 30 जून, 2015 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।