महिलाओं ने झोपड़ी में नहीं खुलने दिया शराब का ठेका
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बदरीनाथ हाईवे पर चमोली जनपद में स्थित उमट्टा धार के पास एक झोपड़ी बनाकर शराब की दुकान खोलने का प्रयास महिलाओं के विरोध के आगे सफल नहीं हो पाया। यहां ठेका खुलने की भनक लगते ही महिलाएं प्रस्तावित जगह पहुंचीं और शराब कारोबारियों, प्रशासन और भू-स्वामी के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी भू-स्वामी से झड़प भी हुई। महिलाओं ने चेतावनी दी यदि शराब की दुकान झोपड़ी में खोली गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
एक पखवाड़े से ब्लाक मुख्यालय पर अंग्रेजी शराब की दुकान न खोले जाने और ब्लाक को शराब मुक्त बनाने की मांग को लेकर महिलाएं आंदोलित हैं। लगातार विरोध के चलते अब तक नगर में शराब की दुकान नहीं खुल पाई है। इस पर विभाग ने नगर से करीब दो किमी दूर बदरीनाथ हाईवे पर उमट्टा धार के पास एक झोपड़ी बनाकर दुकान खोलने का प्रयास किया।
इसकी भनक लगते ही बुधवार दोपहर करीब 12 बजे महिलाएं झोपड़ी तक पहुंचीं और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। महिलाओं की भू-स्वामी से झड़प भी हुई। भू-स्वामी ने कहा कि बाजार में अवैध शराब खुले आम बिक रही है।
कालेश्वर सहित कई स्थानों पर कच्ची शराब बेची जा रही है, जिसका विरोध नहीं हो रहा। इससे गुस्साई महिलाओं ने कहा कि सभी तरह की शराब बंद करने के लिए आंदोलन चलाया जा रहा है। तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक वैध, अवैध शराब बंद नहीं होती। दो घंटे तक महिलाएं झोपड़ी के पास ही खड़ी रही।
हाईवे की जगह गदेरे से बना दिया रास्ता
शराब की दुकान खोलने के लिए आबकारी विभाग ने रास्ता ही बदल दिया। जिस झोपड़ी में शराब की दुकान खोली जा रही थी वह हाईवे से पचास मीटर दूरी पर है, लेकिन विभाग ने रास्ता हाईवे से न देकर गदेरे और खेतों से होते हुए झोपड़ी तक बना दिया। महिलाओं ने कहा कि विभाग शराब की दुकान को खोलने के लिए आतुर है, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
शराब के विरोध में गौचर में प्रदर्शन
अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने के विरोध में गौचर में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। गौचर के रणसेरा तोक में अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने के विरोध में महिलाओं और अन्य लोगों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस चौकी आकर शासन-प्रशासन के विरोध में नारेबाजी कर ज्ञापन दिया।
महिलाओं ने कहा कि तीन मई को नगर के रणसेरा तोक में आबकारी विभाग और प्रशासन की शह पर अंग्रेजी शराब की दुकान खोली गई थी और इसकी भनक मिलने पर महिलाओं ने शराब की दुकान को बंद करने के लिए पुरजोर विरोध करते हुए आंदोलन शुरू किया था।