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भालुओं के डर से बाहर नहीं जाती महिलाएं

Sat, 21 Dec 2013 05:05 PM IST
अमर उजाला, देवाल
अमर उजाला, देवाल Updated Sat, 21 Dec 2013 05:05 PM IST
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देवाल में भालुओं की डर से महिलाओं ने घर से बाहन निकलना कम कर दिया है। लगातार बढ़ रहे हमलों से लोगों में डर है। भालूओं के आतंक से निजात दिलाने को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ से भेंट की।

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डीएफओ कार्यालय में किया प्रदर्शन
उन्होंने समस्या के निस्तारण के लिए त्वरित प्रयास किए जाने की मांग की। शनिवार को किसान नौजवान सभा के प्रदेश सचिव मदन मिश्रा के नेतृत्व में जिला मुख्यालय में डीएफओ से मिले प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि पिछले लंबे समय से क्षेत्र के लौंसरी, धरातल्ला, मिलमिंडा, सवाड़ सहित 20 से अधिक गांवों में भालू का आतंक बना हुआ है।
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घरों से आना-जाना मुश्किल
स्थिति यह है कि भालू घरों से 50 से 100 मीटर की दूरी पर ही घात लगाए बैठा है, जिससे लोगों का कहीं भी आना-जाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने ग्रामीणों को भालू के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस व्वस्था किए जाने और प्रभावितों को विभाग से मदद की मांग भी की।
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इस मौके पर डीएफओ एनएन पांडे ने प्रतिनिधिमंडल को त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने संबंधित रेंज अधिकारी को टीम गठित कर भालुओं को क्षेत्र से भगाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।


छह महिलाएं बनी भालू का शिकार
देवाल क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षो में भालू के हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। वर्ष 2011 से दिसंबर 2013 तक भालू के हमले में छह महिलाओं को अपना शिकार बना चुका है। इन घायलों में कुछ का अब भी परिजनों के द्वारा इलाज कराया जा रहा है।

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