फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   women earn money from cow urine

पढ़िए, गोमूत्र से कैसे बदली हजारों महिलाओं की तकदीर

Tue, 10 Jun 2014 01:20 PM IST
रविंद्र थलवाल, सूर्यप्रकाश नौटियाल/ अमर उजाला, उत्तरकाशी
रविंद्र थलवाल, सूर्यप्रकाश नौटियाल/ अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Tue, 10 Jun 2014 01:20 PM IST
विज्ञापन
women earn money from cow urine

अमर उजाला, उत्तरकाशी

विज्ञापन


गौ संरक्षण के दावों के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करने वाली संस्थाओं को उत्तरकाशी के 24 गांवों की करीब पांच हजार महिलाएं आईना दिखा रही हैं।

यह महिलाएं न केवल भारतीय संस्कृति का मूल आधार कहे जाने वाली गौ माता का संरक्षण कर रही हैं, बल्कि गोमूत्र बेचकर अपनी आजीविका भी चला रही हैं।

इसमें कई विधवा महिलाएं एवं गरीब युवतियां भी हैं, जो दो से तीन हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही है।

24 गांवों की 5 हजार महिलाएं बनी असली संरक्षक

women earn money from cow urine

उत्तरकाशी जिले के सीमांत विकासखंड भटवाड़ी के मांडों, मुस्टिकसौड़, साडा, कंकराड़ी, तिलोथ, जसपुर, भैलूड़ा, बोंगा, कोटी, लदाड़ी, डांग, पोखरी, क्षेत्रपाल, ज्ञानसू, मातली, बडेथी सहित 24 गांवों की करीब 5 हजार महिलाएं गायों की असली संरक्षक बन गई है।

इन गांव में अधिकांश महिलाएं दो से तीन गाय पाल कर दूध के साथ ही गोमूत्र भी बेच रही हैं।

महिलाएं पिछले कुछ सालों से पांच रुपए लीटर के हिसाब से गोमूत्र बेचकर प्रति महिला प्रत्येक माह 500 से 2500 रुपए तक कमा रही है।

इसमें कई ऐसी विधवा एवं गरीब महिलाएं भी है, जो सिर्फ गो मूत्र से ही परिवार का पालन पोषण कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सयंत्र की स्थापना से मिला स्वरोजगार

women earn money from cow urine

वर्ष 2010 में पतंजली ग्रामोद्योग न्यास द्वारा तेखला में गो मूत्र प्रशोधन संयंत्र स्थापित किया गया। उत्तराखंड में यह पहला संयंत्र है।

इस संयंत्र की प्रतिदिन 10 हजार लीटर गोमूत्र शोधन की क्षमता है। संयंत्र के प्रबंधक माधव भट्ट ने बताया कि संयंत्र स्थापित करने का उद्देश्य गो संरक्षण के साथ ही गरीब एवं निर्धन महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारना है।

वर्तमान में संयंत्र से 4 से 5 हजार लीटर गोमूत्र का प्रतिदिन शोधन कर अर्क बनाया जा रहा है, जो चर्म रोग एवं पेट रोग की दवाईयों के निर्माण के लिए हरिद्वार भेजा जाता है।

विज्ञापन

गोमूत्र से बदली इनकी किस्मत

women earn money from cow urine

ज्ञानसू की पवना बिष्ट के पति रघुवीर बिष्ट की पांच साल पहले दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।

पति की मौत के बाद पवना के ऊपर स्वयं के साथ ही बच्चों के पालन पोषण का जिम्मा भी आ गया, लेकिन पवना ने विषम परिस्थितियों का मात देते हुए दो गाय खरीदी और एक साल से दूध के साथ गोमूत्र बेच रही है।

अकेले गोमूत्र से दो से ढाई हजार रुपए प्रतिमाह कमा रही है। पवना ने ज्ञानसू की 27 अन्य महिलाओं को भी इस व्यवसाय से जोड़ा है।

‌परिवार को संभालने में मिली मदद

women earn money from cow urine

साड़ा गांव की लक्ष्मी के पिता सुरेश मोहन राणा की 11 साल पहले वाहन दुर्घटना मौत हो गई। इसके बाद चार बच्चों की जिम्मेदारी मां के ऊपर आ गई थी।

पिता की मौत के बाद घर के खर्चे चलाने मुश्किल हो गए थे। ऐसे में राइंका मुस्टिकसौड़ में 12वीं में पढ़ने वाली लक्ष्मी पढ़ाई के साथ प्रतिमाह गोमूत्र बेचकर 2000 रुपए कमा रही है।

तिलोथ गांव की बबीता के पिता राधेश्याम भी कई सालों से अस्वस्थ है, जिस कारण परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है।

बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाली बबीता ने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की ठानी और एक साल पहले से गाय का पालन कर दूध और गोमूत्र बेचना शुरू किया।

बबीता प्रतिदिन गांव से 150 लीटर गोमूत्र एकत्र कर बेच रही है। इससे न केवल दो दर्जन महिलाओं को 500 से 1000 रुपए प्रतिमाह मिल रहा, बल्कि बबीता भी दो से तीन हजार रुपए कमा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed