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Dehradun News: खाकी ने तोड़ी आस, मां ने संभाला जांच का जिम्मा

Mon, 06 Apr 2026 02:31 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:31 AM IST
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When the mother lost hope of police investigation in the
Iप्रेमनगर क्षेत्र में दो साल पहले हुए हिट एंड रन मामले में पुलिस से जांच की उम्मीद टूटी तो मां ने मृत बेटे को न्याय दिलाने के लिए खुद ही संघर्ष करने का रास्ता चुना। दो साल तक सीसीटीवी कैमरे जांचे, आरटीओ दफ्तर पहुंचकर ट्रकों के नंबर हासिल किए और सड़क नापती रहीं। आखिरकार उस ट्रक को खोज निकाला जिसने दुर्घटना की थी। अब मामले में दोबारा जांच शुरू होगी। पीड़िता ललिता चौधरी ने बताया कि 16 फरवरी 2024 को उनके बेटे क्षितिज चौधरी को प्रेमनगर क्षेत्र में एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। घायल अवस्था में क्षितिज करीब 45 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा जिसके बाद उसे एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान उसका एक पैर काटना पड़ा और अगले दिन 17 फरवरी को उसकी मौत हो गई। आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की और रिपोर्ट दर्ज करने में भी टालमटोल की। बाद में केस में कोई ठोस प्रगति न होने पर पुलिस ने एफआर लगाकर मामला बंद कर दिया। मगर बेटे को न्याय दिलाने की ठान चुकी मां ललिता चौधरी ने खुद सड़कों पर उतरकर जांच शुरू की। उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जुटाए और लगातार प्रयास के बाद टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान कर ली। उनकी जांच में सामने आया कि हादसे में शामिल ट्रक का नंबर UK07CB6929 है जो अंकित चौहान के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि अगर शुरुआत से ही पुलिस गंभीरता दिखाती तो आरोपी अब तक सलाखों के पीछे होता। उन्होंने मामले की पुनः जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके लिए वह एसएसपी से मिलीं तो उन्होंने जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रेमनगर थाने में उनसे दोबारा प्रार्थनापत्र लेकर जांच शुरू करने की प्रक्रिया की गई।प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि मामले में एफआर लग चुकी थी। अब इसे मामले में अग्रिम विवेचना शुरू होगी। बता दें कि नियमों के मुताबिक एफआर के बाद भी नए सबूत मिलने पर या पिछली जांच में कोई महत्वपूर्ण पहलू छूट जाने पर सच्चाई तक पहुंचने के लिए अग्रिम जांच की जाती है। यह लंबित मामले में अतिरिक्त सबूत खोजने और न्याय सुनिश्चित करने की एक कानूनी प्रक्रिया है।I
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