Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में शीत लहर ने किया बेहाल, कुमाऊं में कई जगह माइनस में पहुंचा पारा, नलों का पानी जमा
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मौसम विभाग के अनुमान के बाद बुधवार को प्रदेश के कई इलाकों में शीत लहर ने लोगों को परेशान किया। वहीं, मैदान में कोहरे भी भी परेशानी बढाई। कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में कोहरे और पाले के चलते कड़ाके की ठंड लोगों को बेहाल कर रही है।
बुधवार को अल्मोड़ा मुनस्यारी और बागेश्वर में तामपान में भारी गिरावट दर्ज की गई। बागेश्वर में न्यूनतम तापमान शून्य तो अल्मोड़ा में माइनस दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कपकोट के ऊंचाई वाले इलाकों में भी तापमान शून्य से नीचे चला गया है। गरुड़ समेत अन्य जगहों पर पाला पड़ने से नलों का पानी जम गया है।
पिथौरागढ़ में भी बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान आठ डिग्री और न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, मुनस्यारी में अधिकतम तापमान चार डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मुनस्यारी के साईपोलों में पाले के कारण पेयजल योजनाएं जम चुकी हैं। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।
चंपावत जिले में जिला मुख्यालय समेत अन्य क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके पड़ रही है। करीब एक सप्ताह से क्षेत्र में रात का तापमान जहां शून्य से नीचे चला जा रहा है, वहीं सुबह का तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस बना हुआ है।
पहाड़ी क्षेत्रों में पाला पड़ने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा रह सकता है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में पाला पड़ने की संभावना है।
मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक बना हुआ है। जबकि, न्यूतनम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम बना हुआ है।
दून में रात की ठंड बढ़ने का अनुमान
राजधानी दून और आसपास के इलाकों में बुधवार रात ठंड में इजाफा हो सकता है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि रात का न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक गिर सकता है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया गया।
धूप निकलने के बाद भी लोगों को ठंड से राहत नहीं
रविवार हुई बूंदाबांदी से मौसम सर्द होना शुरू हो गया था। सोमवार सुबह को कोहरा छाया रहा और दिन में आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को सुबह से ही धूप खिली।
धूप निकलने से अधिकतम तापमान तो 21 डिग्री तक पहुंच गया, लेकिन न्यूनतम तापमान पांच डिग्री बना रहा। न्यूनतम तापमान कम रहने से लोगों को शाम ढलने पर तो घरों में दुबकने को मजबूर होना पड़ा। बाजार व अन्य स्थानों पर जाने से लोगों ने परहेज करने में ही अपनी भलाई समझी।
लोखंडी के पास दो दिन से बंद चकराता-त्यूनी मार्ग
चकराता के पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी को देख जहां पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं बर्फबारी ने स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है। लोखंडी और आसपास के इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते अब भी चकराता-त्यूनी मोटर मार्ग बंद पड़ा है।
सड़क के छह किमी लंबे हिस्से पर बर्फ की मोटी परत जमी हुई है। करीब 40 गांव का संपर्क सीधे तौर पर चकराता स्थित ब्लॉक मुख्यालय से कटा हुआ है। उन्हें त्यूनी से चकराता आने के लिए वाया पुरोला और मीनस होकर करीब 50 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
सड़क पर यातायात सुचारुकरने के लिए दो जेसीबी और स्टोन क्रशर को लगाया गया है। जल्द ही सड़क पर वाहनें की आवाजाही बहाल करा दी जाएगी। मुख्य सड़क के खुलते ही अन्य संपर्क मार्ग को भी खोलने का काम शुरू किया जाएगा।
-एनपी सिंह मुख्य अभियंता लोनिवि
बर्फ पिघला कर बुझा रहे प्यास
ऊंचाई वाले इलाकों में हुई भारी बर्फबारी के बाद ठारठा क्षेत्र में पानी की सप्लाई करने वाली पेयजल लाइनें भी पूरी तरह से जम गई है, जिसके चलते क्षेत्र के बागी, बेगी, बुल्हाड़, जगथान, बुरायला, ठारठा, आसोई, पुनिंग, पेनुवा 12 गांव में पानी का संकट खड़ा हो गया है। हर तरफ बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है। ऐसे में लोगों को प्यास बुझाने के लिए बर्फ को पिघलाना पड़ रहा है। बर्फ पिघलने के बाद ही इन गांव में पानी की आपूर्ति सुचारु हो सकती है।