चारधाम यात्रा 2020: मलबा आने से चारधाम यात्रा मार्ग बंद, अतिवृष्टि से पंचायत घर क्षतिग्रस्त, जेई की दबने से मौत
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रहे भूस्खलन की वजह से चारधाम यात्रा मार्ग बाधित हो रहेे हैं। मंगलवार की सुबह भी केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे मलबा आने से अवरुद्ध रहा।
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चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे क्षेत्रपाल, छिनका, कुहेड, बाजपुर, भनेरपानी, लामबगड, पागलनाला व गौचर आईटीबीपी के पास भूस्खलन होने से बंद है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग सीतापुर और गौरीकुंड पार्किंग के समीप अवरुद्ध चल रहा है। जिले में 12 संपर्क मोटर मार्ग भी प्रभावित हो चुके हैं।
यमुनोत्री हाईवे कुथनौर के पास सोमवार दोपहर से भूस्खलन के कारण अभी तक बंद है। नरेंद्रनगर के समीप कुम्हार खेड़ा में ऋषिकेश गंगोत्री हाईवे दूसरे दिन भी नहीं खुल पाया है। चट्टान से भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण कुम्हार खेड़ा में हाईवे सोमवार सुबह सात बजे बंद हो गया था। हालांकि छोटे वाहनों का संचालन बाईपास पीटीसी मार्ग से किया जा रहा है। बड़े वाहनों और ट्रकों की आवाजाही नहीं हो पा रही है।
अतिवृष्टि से एक पंचायत घर क्षतिग्रस्त, जेई की मौत
चमोली में पोखरी के ताली-कंसारी गांव में मंगलवार को तड़के करीब तीन बजे अतिवृष्टि से एक पंचायत घर क्षतिग्रस्त हो गया। यहां सो रहे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (
जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जबकि घटना में अनिल नेगी, निवासी नौली, पोखरी, जयपाल सिंह, जिला सिरमोर, हिमाचल प्रदेश और रमेश राणा निवासी- बांसगढ़ी, जिला वर्धा नेपाल घायल हो गए। घायलों का उपचार सास्वा केंद्र पोखरी में चल रहा है।
इन दिनों यहां ताली-कंसारी सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, इसी कार्य के चलते जेई समेत मजदूर पंचायत घर में निवास कर रहे थे।