हरीश रावत की गैर मौजूदगी में 'टूट' रही कांग्रेस
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बातचीत और उनके हस्तक्षेप के बाद भी उत्तराखंड कांग्रेस में चल रही खींचतान रुकती नहीं दिख रही है।
रविवार को बतौर अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की ताजपोशी होनी है। जबकि बहुगुणा कैंप के विधायकों ने पदभार ग्रहण समारोह से दूरी बनाने का अघोषित फैसला किया है।
किशोर उपाध्याय के अध्यक्ष घोषित होने पर बहुगुणा कैंप के विधायक सुबोध उनियाल ने खुलेआम विरोध शुरू कर दिया था।
सोनिया गांधी को भी सुनाई थी पीड़ा
शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के साथ विधायक सुबोध उनियाल ने सोनिया गांधी से मिलकर अपने शिकवे और पीड़ा सुनाई थी।
लेकिन आलाकमान ने अध्यक्ष को लेकर किसी फेरबदल से साफ इंकार कर दिया है। साथ ही दोनों के ओर क्षत्रपों को साफ संकेत दिए हैं कि प्रदेश में पार्टी को मजबूत बनाने के लिए एकजुटता दिखाएं।
इसी क्रम में शनिवार को किशोर सुबोध उनियाल को मनाने के लिए उनके आवास पहुंचे थे। दोनों नेताओं के बीच अकेले में कुछ देर बातचीत भी हुई लेकिन नहीं लगता कि सुबोध इतनी जल्दी हथियार डालने जा रहे हैं।
किशोर ने दूर किए गिले-शिकवे
जिस दौरान बहुगुणा कैंप किशोर उपाध्याय को लेकर दिल्ली में लॉबिंग कर रहा था। उस दौरान किशोर ने भी बारी-बारी प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं से मिलकर पुराने शिकवे-गिले भुलाने का काम किया।
जिसका फायदा भी किशोर को मिला है। बहुगुणा कैंप के विधायकों का भी एक धड़ा किशोर के इस प्रयास से तटस्थ की भूमिका में दिख रहा है।
वहीं किशोर उपाध्याय को हरीश रावत गुट का पूरा समर्थन है लेकिन जिस दौरान उनकी ताजपोशी हो रही है रावत एम्स में भर्ती हैं।
रावत की गैर मौजूदगी में बहुगुणा कैंप की दूरी
रावत की गैर मौजूदगी और बहुगुणा कैंप की दूरी से नए प्रदेश अध्यक्ष के सम्मान में कितने विधायक जुटते हैं यह सबसे महत्वपूर्ण होगा।
कुछ विधायक तो इसलिए शामिल नहीं हो रहे हैं उन्हें लगता है कि उनका राजनीतिक अनुभव किशोर से कहीं अधिक है।
संगठन के लगभग सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों व नेताओं से भी इस दौरान किशोर ने संपर्क किया है। संगठन में उनकी कितनी स्वीकार्यता है यह भी साबित करना होगा।